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लॉकडाउन के बाद बंद हुई राजधानी में बड़ी कंपनियों के शोरूम, मॉल छोड़ने की आयी नौबत

ल्यूमिनेस, एडिडस जैसी कंपनियां ने छोड़ा न्यूकिलस मॉल, 23 कंपनियों ने छोड़ा मॉल, सिर्फ मेन रोड से सुजाता चौक तक में 20 दुकानें हुई बंद 

Ranchi :  कोरोना के साइड इफेक्ट खत्म नहीं हो रहे. व्यवसाय जगत में इसका असर व्यापक है. जो भविष्य में जारी रह सकता है. जहां छोटी दुकान लॉकडाउन के तीन महीने की मार नहीं झेल पायीं, वहीं बड़ी कंपनियों के शोरूम संचालकों की कमर भी टूट गयी है. राजधानी रांची की कई दुकानें इस कोरोना काल में बंद हो गयीं. वहीं केंद्र सरकार ने इनके खुलने की गाइडलाइन जारी की है. तब भी कुछ बड़ी दुकानें इस मार से बाहर नहीं निकाल पा रही हैं. नतीजा ये है कि कुछ दुकानें या तो बंद ही हो गयीं. या कुछ बंदी के कागार पर हैं. फास्टट्रैक, टर्टल, डब्ल्यू, ल्यूमिनेस, एडिडस जैसे नामी ब्रांड के शोरूम बंद हो रहे हैं.

सिर्फ मेन रोड से सुजाता चौक तक में लगभग 20 बड़ी कंपनियों के शो रूम बंद हुए हैं. चर्च कांप्लेक्स की बात करें तो पांच शोरूम बंद हुए. इसमें वीआइपी, टर्टल, डब्ल्यू, शेमसोनाइट बंद हो गया. कांप्लेक्स में करीब 250 दुकानें हैं. टर्टल का सुजाता चौक, वीआइपी का रांची क्लब स्थित शोरूम भी बंद हो गये. राजधानी में वूडलैंड के दो शोरूम है, जो भी बंदी के कगार पर हैं.

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मॉल छोड़ कर जा रही बड़ी कंपनियां

राजधानी में हाई स्ट्रीट और न्यूकिलस मॉल छोड़ कर बड़ी कंपनियां जा रही है. सिर्फ न्यूकिलस मॉल की बात करें तो यहां 23 बड़ी कंपनियों ने लॉकडाउन से लेकर अब तक मॉल छोड़ दिया. जिसमें ल्यूमिनेस, एडिडस जैसी बड़ी कंपनियों के नाम शामिल हैं. मॉल में कुल 112 दुकानें हैं. हालांकि इस दौरान भी 14 बार मॉल को सेनेटाइज कराया गया. इस मॉल से सरकार को 70 लाख जीएसटी हर महीने दी जाती थी.

बड़ी कंपनियां बंदी के कारण किराया नहीं दे पा रही है. जिसके कारण ये मॉल छोड़ कर चली गयीं. दुकानें बंद होने से यहां लगभग दो सौ लोग बेरोजगार हुए. हाई स्ट्रीट मॉल में लगभग दस शोरूम बंद हुए. इस मॉल में लगभग दो हजार लोग काम करते है. जो बेरोजगार हो गये. वहीं सिनेमा घर बंद होने से भी रोजगार प्रभावित हुआ.

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एक लाख से ढाई लाख तक है किराया

मॉल संचालकों से जानकारी मिली की राजधानी में बड़ी कंपनियां एक से ढाई लाख किराया प्रति महीने देती है. वहीं शोरूमों के मेंटेनेंस, बिजली बिल में अलग से खर्च किया जाता है. इन मॉल में फूड कोर्ट भी बंद हैं. जिससे इन्हें नुकसान है. मॉल संचालकों से जानकारी मिली की कुछ शोरूम में डिस्काउंट दिया जा रहा है.

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लेकिन कोरोना तेजी से फैल रहा है. ग्राहकों की संख्या में कमी देखी जा रही है. चार महीने से बंद होने के कारण किराया देना है ही. जबकि बिक्री है नहीं. एक शोरूम से कम से कम दस लोग बेरोजगार हुए हैं.

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