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भू-राजस्व सचिव के पास गलत नीयत को मापने के कौन से यंत्र या किट हैं, जनता को बताये विभाग: बंधु तिर्की

Ranchi :  म्यूटेशन बिल को लेकर सूबे में व्यापक जनाक्रोश देखा जा रहा है. इसे लेकर सरकार की ओर से राजस्व निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव केके सोन ने सोमवार प्रेस कांफ्रेस की. उन्होंने सरकार का पक्ष रखा था. सोन ने अपने बयान में कहा था बिल को लेकर लेकर भ्रांतियां फैलायी जा रही हैं. इस बयान के बाद मांडर विधायक बंधु तिर्की ने कहा- विभागीय सचिव कहते हैं, गलत नियत से कार्य करने वाले राजस्व पदाधिकारी के खिलाफ राज्य सरकार एवं भारत सरकार के सक्षम प्राधिकार द्वारा यदि पूर्व में जांच की स्वीकृति प्रदान की जाती है.

ऐसी परिस्थिति में राजस्व अधिकारी के विरुद्ध आपराधिक कार्रवाई, सिविल कार्यवाही, विभागीय कार्यवाही अथवा किसी भी प्रकार की कार्रवाही कभी भी करने के लिए राज्य सरकार स्वतंत्र है. इस सफाई पर श्री तिर्की ने कहा- ‘‘मैं सचिव राजस्व निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव केके सोन से पूछना चाहता हूं, गलत नीयत को मापने के लिए उनके पास कौन सा यंत्र या किट है.’’

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जेपी पार्क गुम हो गया, विभाग ने क्या किया

 तिर्की ने आगे कहा- मैं विभागीय सचिव को ध्यानाकृष्ट कराना चाहूंगा. रांची जिला के हेहल अंचल के खाता सं0-113, रकबा-7.8 एकड़ में रांची-गुमला नेशनल हाईवे पर डीएवी, हेहल स्कूल के समीप जेपी उद्यान हुआ करता था. इसकी आधारशीला 1978-79 में रखी गयी थी. जन-आन्दोलन के जनक जयप्रकाश नारायण के नाम पर बना यह उद्यान भू-माफिया एवं भ्रष्ट अधिकारियों के गठजोड़ से विलुप्त हो गया. इसकी जांच स्थल पर जाकर तत्कालीन मुख्य सचिव राजबाला वर्मा ने की. लेकिन आज भी वहां बड़ी-बड़ी बिल्डिंग एवं मारूति के शोरूम खड़े हैं.

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दखल दिहानी के मामलों में गंभीरता क्यों नहीं

 तिर्की ने आगे कहा- मैं विभागीय सचिव से पुछना चाहता हूं, तकरीबन 2000 दखल दिहानी के मामले विभाग में लम्बित हैं. कितने मामलों पर भू-स्वामी को दखल दिलायी गयी?

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लातेहार में उपायुक्त रहते संगठन विशेष के नाम की गयी बंदोबस्ती

 बंधु तिर्की ने केके सोन पर आरोप लगाते हुए कहा है- आपके लातेहार जिला के उपायुक्त रहते हुए महुवाडाड़ में मौजा-चटकपुर के खाता संख्या-117, प्लाट संख्या 0-1612, रकबा-5.28 एकड़, जहां पीढ़ियों से आदिवासियों के उत्सव, पर्व-त्योहार, सांस्कृतिक कार्यक्रम होते रहे हैं, उक्त भूमि को किस आधार पर वर्ग विशेष संगठन के नाम से बन्दोबस्ती कर दी गयी.

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लैंड म्यूटेशन बिल कैबिनेट में लाने की जल्दबाजी क्यों

 बंधु तिर्की ने आगे कहा है कि प्रदेश में पांचवी अनुसूचि, पेशा कानून, सीएनटी/एसपीटी एक्ट जैसे कानून हैं. क्यों नहीं भूमि विशेषज्ञों के साथ इस विषय पर चर्चा की गयी. आखिर लैंड म्यूटेशन बिल कैबिनेट में लाने की जल्दबाजी क्यों है. क्या यह बात सही नहीं है कि विभागीय कार्यवाही चलने के बावजूद पदाधिकारियों को प्रोन्नती दी गयी. आपके विभाग में 10-10 सालों से कई मामले लम्बित हैं.

 कितने दोषी आधिकारीयों पर अब तक हुई कार्रवाई, सचिव बतायें

बंधु तिकी ने विभागीय सचिव से कहा है कि धनबाद रिंग रोड आईएसएम के विस्तारीकरण और झरिया पुनर्वास योजना के तहत् भूमि अधिग्रहण में 20 करोड़ से अधिक का मुआवजा दिया गया. इस राशि को अधिकारी, दलाल और बिचैलिये के द्वारा हड़प लिया गया. 2016 से एसीबी इस मामले की जांच कर रही है.

विभाग को बताना चाहिए उस एसीबी की रिपोर्ट पर विभाग में अबतक किन आधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की. जबकि घोटाला और लूट की बात प्रमाणित हो चुकी है. फिर भी विभाग कार्रवाई नहीं कर रहा है.  ऐसे घोटालेबाजों की नीयत कौन से पैमाने एवं किट-उपकरण से मापेंगे.

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