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बोकारो के चास अंचल में भू-माफियाओं ने बेच दी 4448.95 डिसमिल वन भूमि

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  • वन संरक्षण अधिनियम 1980 का हुआ उल्लंघन, राज्य में वन भूमि का उपयोग हो रहा गैर वन उद्देश्य के लिए
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Ranchi : राज्य में सरकार से भी ज्यादा ताकतवर होने का अहसास भू-माफिया दिलाते रहे हैं. चाहे सीएनटी-एसपीटी एक्ट के दायरे में आनेवाली जमीन को सीएनटी-एसपीटी एक्ट मुक्त कर बेचने का मामला हो या जमीन के दस्तावेज में छेड़छाड़ कर गैरमजरुआ जमीन को बेचने का. भू-माफिया सरकारी अधिकारियों से मिलीभगत कर सरकारी भूखंड बेचने का काम राज्य में करते रहे हैं. ऐसा ही मामला बोकारो जिला के चास अंचल का सामने आया है, जहां भू-माफियाओं ने 4448.95 डिसमिल वन भूमि को बेच दिया. इस पर महालेखापरीक्षक द्वारा अपनी रिपोर्ट में अपत्ति भी की गयी है. इसके बावजूद राज्य में वन भूमि का गैर वन कार्य में बदस्तूर उपयोग हो रहा है. वहीं, वन भूमि की बिक्री 2008 से 2017 तक होती रही. कुल 185 बिक्री अभिलेख द्वारा वन भूमि की बिक्री की गयी. मामला प्रकाश में आने के बाद भी सरकार ने फरवरी 2018 तक किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नही की और वन भूमि आज भी निजी हाथों में है.

वन भूमि को ऐसे किया गया निजी हाथों में

वन प्रमंडल बोकरो द्वारा उक्त जमीन का सीमांकन नहीं किये जाने के कारण भू-माफियाओं द्वारा जमीन बेची गयी. वहीं, वन विभाग द्वारा भूमि राजस्व विभाग के राजस्व भूखंडों के भीतर वन सीमाओं का सही से सीमांकन नही होने का लाभ भू-माफिया ने अठाया. निबंधन के लिए वन विभाग की ओर से 1966 में जारी अनापत्ति प्रमाण पत्र को आधार बनाया गया. आनापत्ति प्रमाण पत्र के आधार पर उपायुक्त बोकारो द्वारा निष्कासन आदेश के अलोक में कहा गया कि यह भूमि सुरक्षित वन भूमि के दायरे में नहीं आती है. इस आदेश के बाद वन विभाग की ओर से भी किसी प्रकार की कोई अपत्ति नहीं की गयी. इस पूरे मामले में वन संरक्षण अधिनियम का उल्लंघन करते हुए वन भूमि का उपयोग गैर वन उद्देश्य में किया जा रहा है.

इन भूखंडों को बेचा गया

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बोकारो जिला के चास अंचल स्थित थाना नंबर 30 का चास मौजा का खाता संख्या 128 की 136 डिसमिल, खाता संख्या 752 की 3704.23 डिसमिल, खाता संख्या 748 एवं 778 की 50.25 डिसमिल, खाता संख्या 746 की 44.25 डिसमिल, खाता संख्या 739 से 514.22 डिसमिल वन भूमि को सरकारी अधिकारीयों की मिलीभगत से भू-माफियाओं ने बेच डाला.  जबकि, बेची गयी भूमि को सरकार द्वारा अधिसूचना निकालकर वन भूमि के रूप में सुरक्षित किया गया था. वन विभाग के लिए सुरक्षित वन अधिसूचना संख्या सीएफ- 17014/58-1429 आर 24 मई 1958 निकाली गयी थी. इसमें भूखंड संख्या-7358, 7360, 7562, 7768, 7788, 7790, 7885, 7923, 7925 एवं 7926 के रूप में 166.48 एकड़ जमीन वन भूमि के रूप में दर्ज की गयी थी.

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