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जमानत के लिए लालू को अभी करना होगा इंजतार, मामले की अगली सुनवाई 22 को

Ranchi: चारा घोटाले के सजायाफ्ता बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को जमानत के लिए अभी और इंतजार करना होगा.  झारखंड हाईकोर्ट में जस्टिस अपरेश सिंह की अदालत में सुनवाई हुई. अगली सुनवाई 22 अप्रैल को होगी. सीबीआइ ने अदालत से काउंटर एफिडेविट फाइल करने के लिए  समय की मांग की. जिसके बाद सुनवाई की अगली तारीख तय की गई. आज की सुनवाई से लालू प्रसाद की ओर से दिग्गज वकील कपिल सिब्बल भी जुड़े. मालूम हो कि लालू फिलहाल चारा घोटाले से जुड़े डोरंडा कोषागार से अवैध निकासी के मामले में सलाखों के पीछे हैं.

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इधर, आज इस मामले में अदालत कृष्ण मोहन प्रसाद समेत अन्य तीन लोगों को जमानत दी है.  कृष्ण मोहन तब कृषि निदेशक थे. आज जिन लोगों को जमानत मिली है उनमें  डॉक्टर और सप्लायर शामिल हैं.

जानकारी हो कि 21 फरवरी को लालू यादव को सीबीआइ की विशेष अदालत ने चारा घोटाले से जुड़े डोरंडा कोषागार से अवैध निकासी के मामले में पांच साल की सजा सुनायी थी. वहीं 60 लाख रूपये जुर्माना भी लगाया था. जिसके खिलाफ लालू यादव ने हाईकोर्ट में जमानत याचिका दायर की. लालू यादव पर डोरंडा कोषागार मामले में 135 करोड़ रूपये अवैध निकासी मामले में सजा दी गयी है. इसके पहले लालू को चारा घोटाले के अन्य मामलों में सजा मिल चुकी है.

कब कब मिली सजा

चारा घोटाला संयुक्त बिहार के वक्त चार जिलों में हुई. जिसमें चाईबासा जिला में चारा घोटाले के दो मामले हैं. सबसे अधिक अवैध निकासी रांची डोरंडा कोषागार से हुई. मामले में सबसे पहले प्राथमिकी चाईबासा में दर्ज की गयी. जहां चाईबासा कोषागार में 37.7 करोड़ की अवैध निकासी पर लालू को पांच साल की सजा और 25 लाख जुर्माना लगाया गया. देवघर कोषागार से 89.5 लाख की अवैध निकासी. इसमें साढ़े तीन साल की सजा सुनायी गयी. साथ ही पांच लाख जुर्माना लगाया गया. चाईबासा कोषागार से 30 करोड़ की अवैध निकासी हुई. इसमें पांच साल की सजा और 10 लाख जुर्माना लगाया गया. दुमका कोषागार से 3.13 करोड़ की अवैध निकासी पर सात साल की सजा और 30 लाख रूपये जुर्माना लगाया गया. वहीं, डोरंडा कोषागार से 139.35 करोड़ रूपये की अवैध निकासी की गयी है.

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