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लालू की बेल याचिका खारिज, रहना पड़ेगा जेल में

Ranchi : चारा घोटाला मामले में सजायाफ्ता राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की बेल याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है. लालू ने अपने स्वास्थ्य के आधार पर बेल की मांग की थी. इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट आज 10 अप्रैल को कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए लालू को बेल नहीं दिया.

कोर्ट के इस फैसले से साफ हो गया है कि लालू अभी जेल में ही रहेंगे. गौरतलब है कि लालू रांची के रिम्स में फिलहाल इलाज करा रहे हैं. और इसी आधार पर उन्होंने बेल की अर्जी डाली थी.

देश में लोकसभा चुनाव की तैयारी जोरों पर है. राजनीतिक दलों ने कमर कस ली है. टिकट बंटवारे से लेकर रैलियों का दौर है. इन सबके बीच आरजेडी के नेताओं को लालू यादव के जेल से बाहर आने का इंतजार था. लेकिन कोर्ट द्वारा याचिका खारिज किए जाने के बाद ना सिर्फ लालू बल्कि उनके पार्टी के कार्यकर्ताओं को भी झटका लगा है.

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कोर्ट के फैसले पर अटकी थी उम्मीद

पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं की उम्मीद सुप्रीम कोर्ट में लालू की जमानत अर्जी से बंधी थी. उल्लेखनीय है कि 1980 के बाद यह पहला मौका है जब चुनाव के दौरान लालू यादव नहीं है. यह चुनाव उनकी मौजूदगी के बिना ही लड़ा जा रहा है.

हालांकि राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की कमान अभी भी लालू यादव के हाथ में ही है. लेकिन उनके दोनों बेटों तेजस्वी और तेज प्रताप यादव में अक्सर ही मतभेद की बात सामने आती रहती है.

दोनों में आपस में ही नहीं बन रही है. लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप ने तो राजद के खिलाफ ही मोर्चा खोल दिया है. लालू राबड़ी मोर्चा बनाकर दो जगहों से उम्मीदवार उतारने की बात कर रहे हैं.

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लालू बाहर आकर राजनीति करेंगे : सीबीआई

गौरतलब है कि लालू के जेल में रहने की वजह से अब राजद के पास कोई ऐसा नेता नहीं है जो भाजपा और जदयू को घेर सके जैसे लालू घेरते थे. लालू के छोटे बेटे तेजस्वी लगातार मेहनत कर रहे हैं कि वो अपने पिता की कमी को पूरा कर सकें. लेकिन शायद बिहार की जनता लालू के भाषणों की कमी महसूस कर रही हैं.

लालू भी स्वास्थय के आधार पर जेल से बाहर आना चाहते थे लेकिन सीबीआई इसके खिलाफ थी. सीबीआई का कहना था कि लालू को अगर बेल दे दी गयी तो वो बाहर आकर राजनीति करेंगे. हालांकि लोकसभा चुनाव 2019 में लालू यादव की भूमिका अभी तक सामने नहीं आई है. व

हीं लालू को बेल मिलने से बिहार में चुनावी समीकरण बदलने के भी आसार थे. उल्लेखनीय है कि मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई की.

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दिसंबर 2017 से जेल में बंद हैं लालू

उल्लेखनीय है कि चारा घोटाले के तीन मामलों में दोषी करार लालू प्रसाद यादव दिसंबर 2017 से रांची के बिरसा मुंडा जेल में बंद हैं. फिलहाल अपनी बीमारी के कारण वो रिम्स में इलाजरत हैं और पेइंग वार्ड में भर्ती हैं. 71 वर्षीय लालू रक्तचाप, डायबिटीज और दूसरी बीमारियों से पीड़ित हैं.

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