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रिम्स में दलालों के खिलाफ आवाज उठाने वाली लालपरी देवी नहीं बचा सकी अपने पति को

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Ranchi : जिस अशोक चौहान के इलाज के लिए उसकी पत्नी पूरा रिम्स प्रबधंन से लड़ गयी. दलाल और डॉक्टर के  बीच की मिलीभगत का पर्दाफाश करने में अहम योगदान दिया, वो लालपरी देवी अपने पति को नहीं बचा पायी. उन्हें जिस बात का डर था आखिर वही हो गया. उसके पति अशोक चौहान की मौत रिम्स में ही हो गयी.

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ज्ञात हो कि 5 अक्टूबर को ही अशोक का स्पाईनल सर्जरी हुई थी. ऑपरेशन के सात दिन बाद ही अशोक की मौत हो गयी. इसके बाद से लालपरी देवी का रो-रो कर बुरा हाल है. वह बार-बार एक ही बात दोहराए जा रही है कि डॉक्टरों ने ही उनसे उनका पति छीन लिया. पैसा दे देते तो इलाज ठीक से हो जाता. वही रिम्स प्रबधंन इस पर अभी कुछ बोलने को तैयार नहीं.

पहले से ही सहमी हुई थी लालपरी देवी

दरअसल लालपरी देवी अपने पति के इलाज को लेकर पहले से ही सहमी हुई थी. न्यूज़ विंग से बात करते हुए उन्होंने बताया था कि उन्हें डर लग रहा है वे अपने पति का इलाज रिम्स में नहीं कराना चाहती. उन्होंने यह भी कहा था कि रिम्स की ही कोई नर्स उनके पास आकर बोली थी कि तुमने डॉ साहब को बदनाम किया है, डॉ साहब तुमसे बहुत नाराज हैं. इसके बाद से ही लालपरी देवी और अशौक चौहान दोनों डरे सहमे थे.

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रीढ़ की हड्डी का हुआ था ऑपरेशन

छत से गिरने के बाद अशोक चौहान की रीढ़ की हड्डी टूट गयी थी. न्यूरो सर्जन डॉ सीबी सहाय की यूनिट में उनका इलाज चल रहता था. लेकिन मरीज के परिजन से इलाज के नाम पर 50,000 रुपए मांगे जाने के बाद यह मामला गरमा गया था. स्व. अशोक की पत्नी को डॉ सहाय ने एक व्यक्ति का no देकर उससे बात करने को कहा था, बात करने पर लालपरी देवी से 50000 हजार रुपए मांगे गये थे.

गोल्डेन कार्ड धारी था अशोक

अशोक आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत मिलने वाले लाभ का लाभुक था.  उसके पास गोल्डेन कार्ड भी था. आयुष्मान योजना के तहत स्वास्थ्य बीमा के बाद भी मरीज को 50000 हजार रुपए जमा करने को कहा गया था.

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जवाब नहीं दे रहा अस्पताल प्रबंधन

रिम्स में हुई इस मौत की पुष्टि अस्पताल प्रबंधन द्वारा कर दी गयी है. लेकिन मौत के कारणों के बारे में अधिकारी मुंह खोलने से बच रहे हैं. वहीं मिली जानकारी के अनुसार, आपरेशन के वक़्त स्पाईनल और गर्दन की हड्डी जोड़ने के लिए जो आर्टिफिशियल प्लेट लगायी गयी थी उसके टूट जाने के कारण मरीज की मौत हुई है. हालांकि प्रबधंन ने इसकी पुष्टि अभी नहीं की है.

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