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मध्य प्रदेश : मजदूर मोतीलाल पर लक्ष्मी जी मेहरबान, खुदाई में मिला 2.5 कराेड़ का हीरा

मध्य प्रदेश के पन्ना जिला मुख्यालय से लगभग नौ किलोमीटर दूर कल्याणपुर गांव में मोतीलाल प्रजापति पर लक्ष्मी जी मेहरबान हो गयीं.

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Panna : मध्य प्रदेश के पन्ना जिला मुख्यालय से लगभग नौ किलोमीटर दूर कल्याणपुर गांव में मोतीलाल प्रजापति पर लक्ष्मी जी मेहरबान हो गयीं. मजदूर मोतीलाल ने सपने में भी नहीं सोचा होगा कि दीवाली से बस एक माह पूर्व उन पर लक्ष्मी जी की ऐसी कृपा बरसेगा कि वह करोड़पति बन जायेंगे.  खबरों के अनुसार हीरा विभाग से पट्टा लेकर खान में खुदाई कर रहे मोतीलाल को अचानक एक चमकीला पत्थर जैसा टुकड़ा मिला. जब उन्होंने पानी से इस चमकीले पत्थर को साफ किया तो वे चौंक गये. आंखों को विश़्वास नहीं हुआ कि वह मामूली पत्थर न होकर कीमती हीरा है. बता दें कि वह हीरा भी कोई आम हीरा नहीं था, वरन  पन्ना की खदानों में निकला अब तक का दूसरा सबसे बड़ा हीरा था. खबरों के अनुसार मोतीलाल ने लगभग एक माह पूर्व अपने चार सहयेागियों के साथ कृष्णा कल्याणपुर गांव में खान लीज पर ली थी.

पन्ना में ये पिछले दो महीने में दूसरा बड़ा हीरा मिला है.  14 सितंबर को भी सरकोहा गांव में एक किसान को खेत जोतते समय 12.58 कैरेट का हीरा मिला था, जिसकी कीमत करीब 30 लाख रुपये आंकी गयी थी.  पन्ना जिले में हीरे के भंडार हैं. कहा गया है कि यहां की जमीन में लगभग 12 लाख कैरेट के हीरे छिपे हुए हैं.

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सबसे बड़ा हीरा 1961 में 44.55 कैरट का निकला था

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मोतीलाल को जो हीरा मिला, वह 42.59 कैरट का है .स्थानीय अधिकारियों के अनुसार यह पन्ना जिले की खदानों से निकला अब तक का दूसरा सबसे बड़ा हीरा हैं.  विशेषज्ञों का कहना है कि हीरे की कीमत 1.5 करोड़ से 2.5 करोड़ रुपये के बीच हो सकती है.  इससे पूर्व पन्ना की खदानों से अब तक का सबसे बड़ा हीरा 1961 में 44.55 कैरट का निकला था. पन्ना के सरकारी डायमंड ऑफिस के वैल्युअर (पारखी) अनुपम सिंह ने जानकारी दी कि मोतीलाल ने हीरा उनके पास जमा करा दिया है.  इसकी नीलामी अगले साल जनवरी में हेागी. नीलामी में मिलने वाली रकम से सरकारी रॉयल्टी व टैक्स काटने के बाद बची राशि मोतीलाल को दे दी जायेगी.

जानकारी के अनुसार हीरे की बिक्री के बाद साढ़े ग्यारह प्रतिशत रॉयल्टी एवं एक प्रतिशत इनकम टैक्स काटा जाता है.  पैन कार्ड नहीं होने पर 20 प्रतिशत तक टैक्स काटा जाता है.  अनुपम सिंह ने कहा कि यह तो तय है कि हीरे की कीमत करोड़ों में है. अब आधिकारिक मूल्य तय होने के बाद नीलामी किस राशि की होती है यह तो नीलामी के बाद ही पता चलेगा. मोतीलाल ने कहा है कि नीलामी से मिलने वाली राशि में से वह अपने साथियों को भी पैसे देगा.

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