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कुड़ख, मुंडारी, हो और संताल भाषा की हो अपनी लिपि : राज्यपाल

जनजातीय भाषाओं का हो अलग-अलग विभाग, राजभवन में मौजूद उद्यानों के नाम झारखंड के स्वतंत्रता सेनानियों के नाम पर रखे जायेंगे

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Ranchi :  राज्यपाल-सह-कुलाधिपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि जनजातीय भाषा विभाग में सभी भाषाओं के लिए पृथक विभाग का गठन करें. इसके लिये 9 प्रोफेसर, 18 एसोसिएट प्रोफेसर और 18 सहायक प्रोफेसर के पद का सृजन होगा. रांची विश्वविद्यालय की पहचान में जनजातीय विभाग का अहम योगदान है. जनजातीय भाषा विभाग में प्रत्येक विषय के अलग-अलग विभागाध्यक्ष होने से वे अपने-अपने विषयों पर स्वतंत्र रूप से ध्यान दे सकेंगे. फिलहाल एक ही विभागाध्यक्ष हैं, जो सभी विषयों के लिए हैं. जनजातीय भाषाओं जैसे कुड़ुख, मुंडारी, हो एवं संताल की भाषाओं की अपनी लिपि होनी चाहिये. वहीं बीएड कॉलेज में छात्राओं की संख्या अधिक है. इसलिए छात्रावास निर्माण आवश्यक है. राज्यपाल गुरुवार को राजभवन में विश्वविद्यालय से संबंधित विभिन्न मामलों के निराकरण के लिये उच्च स्तरीय बैठक की.

आरएलएसवाई कॉलेज के लिये सकारात्मक पहल करें

रामलखन सिंह यादव महाविद्यालय, एसएस मेमोरियल कॉलेज, जेएन कॉलेज, धुर्वा और वैद्धनाथ जालान कॉलेज, सिसई की भूमि के संबंध में चर्चा हुई. इसमें राजस्व सचिव ने अवगत कराया कि यदि कॉलेज 30 साल से अधिक समय से संचालित है तो मालिकाना हक के संदर्भ में संशय रखने की कोई आवश्यकता नहीं है. रामलखन सिंह यादव कॉलेज का मामला सर्वोच्च न्यायालय में लंबित है. रांची विश्वविद्यालय के कुलपति को निर्देश दिया गया कि इस मुद्दे पर सकारात्मक पहल की शुरुआत की जाय ताकि भविष्य में छात्रों के पठन-पाठन में किसी प्रकार की असुविधा न हो.

जेएन कॉलेज रांची विवि का अंग

जेएन कॉलेज, धुर्वा की समीक्षा करते हुए कुलपति, रांची विश्वविद्यालय से कहा गया कि वे कॉलेज विकसित करें. सर्वप्रथम इसका भवन निर्माण एचइसी द्वारा करा कर दिया गया था. अब यह रांची विश्वविद्यालय का अंग है. वैधनाथ जालान कॉलेज के संबंध में यह जानकारी दी गयी कि वहां निर्माण कार्य चल रहा है,  कोई व्यवधान नहीं है. जगन्नाथपुर विधानसभा, मझगांव में कॉलेज निर्माण के लिये भूमि आवंटित है, उसका भवन निर्माण विभाग और उच्च शिक्षा विभाग द्वारा संयुक्त निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया. मुख्य सचिव सुधीर त्रिपाठी ने कहा कि विश्वविद्यालयों के जमीन संबंधी जितने भी मुद्दे हैं, उन्हें उपलब्ध करायें ताकि उपायुक्त के साथ होनेवाली वीडियो कान्फ्रेंस में इसकी चर्चा की जा सके.

राजभवन के नाम स्वतंत्रता सेनानियों के नाम पर

राज्यपाल ने कहा कि राज भवन के उद्यानों के नाम झारखंड के स्वतंत्रता सेनानियों के नाम पर रखे जायेंगे. हर साल 6 से 7 लाख लोग उद्यान देखने आते हैं. स्वतंत्रता सेनानियों की मूर्तियों के साथ उनकी जीवनी भी अंकित रहेगी, जिससे लोगों को इनसे प्रेरणा मिल सके. नक्षत्र वन में भी स्वतंत्रता सेनानियों की मूर्तियां लगाई जायें.  बैठक में मुख्य सचिव सुधीर त्रिपाठी, विकास आयुक्त डीके तिवारी, राज्यपाल के प्रधान सचिव सतेन्द्र सिंह, राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार सचिव केके सोन, भवन निर्माण सचिव सुनील कुमार, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा सचिव राजेश शर्मा, रांची विवि के  कुलपति डॉ रमेश कुमार पांडेय मौजूद थे.

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