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#KrishiAshirwadYojana: 3000 करोड़ से घटकर हुआ 2250 करोड़ का, किसानों के खाते में अब तक गए सिर्फ 442 करोड़

Ranchi: 30 जुलाई को झारखंड सरकार के सूचना भवन में सीएम रघुवर दास के प्रधान सचिव सुनील बर्णवाल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर राज्य के सभी डीसी को निर्देश दिया. जिसके बाद जन सूचना विभाग (आईपीआरडी) की तरफ से जानकारी दी गयी कि “मुख्यमंत्री रघुवर दास की सबसे अहम प्राथमिकता गांव और किसान हैं. राज्य के 35 लाख किसानों के बीच खाते में केंद्र और राज्य के द्वारा 5000 करोड़ की राशि बंटेगी.

राज्य सरकार इसमें 3000 करोड़ की राशि वितरित करेगी. कहा कि 10 अगस्त को मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना की शुभारंभ होगी. पहले चरण में लगभग 15 लाख किसानों को इसका लाभ देने का लक्ष्य है. किसानों को उनके खाते में डीबीटी के माध्यम से राशि उपलब्ध कराई जानी है.”

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योजना की हकीकत कुछ और ही है

लेकिन झारखंड में सीएम कृषि आशीर्वाद योजना की हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है. सरकार के mmkay.jharkhand.gov.in जो आंकड़े दिए गए हैं, उससे साफ हो रहा है कि यह पूरी योजना 3000 करोड़ की नहीं बल्कि अब 2250 करोड़ की है. यानि पहले से इसका साइज करीब 750 करोड़ घट गया. सरकार की तरफ से यह तय किया गया है कि 2019-20 के लिए 22.26 लाख किसानों के बीच एक साल में खरीफ फसल की पैदावार के लिए 2250 करोड़ रुपए बांट दिए जाएंगे.

राजकीय कोष की हालत देखते हुए विभाग ने इस योजना को किस्तवार बांटना निर्धारित किया है. पहली किस्त भारत के उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू की तरफ से किसानों को दी गयी. 10 अगस्त को रांची के हरमू मैदान में झारखंड के 13.60 लाख किसानों के खाते में करीब 442 करोड़ की राशि डीबीटी के माध्यम से बांटी गयी.

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सरकार की अर्थव्यवस्था की खस्ता हालत बनी वजह

जून महीने में सरकार की तरफ से कृषि आशीर्वाद योजना की घोषणा कर दी गयी थी. पहली किस्त अगस्त में बंटी. वो भी करीब 442. पूरी योजना के तहत किसानों को 2250 करोड़ रुपए देने हैं.

वित्त वर्ष खत्म होने में अब सिर्फ छह महीने बचे हैं. इस छह महीने में सरकार को किसानों के बीच 1808 करोड़ की राशि बांटनी है. मतलब अब तक जितनी राशि बंटी है, उसकी पांच गुनी राशि.

इस छह महीने के बीच चुनाव होने हैं. चुनाव के बीच सरकार चाहकर भी इस योजना का लाभ किसानों को नहीं दे सकती है. किसानों को योजना का लाभ राज्य की आर्थिक स्थिति खराब होने की वजह से नहीं मिल पा रहा है.

विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अक्टूबर महीने में योजना की दूसरी किस्त किसानों को मिल जाएगी. लेकिन राज्य की आर्थिक तंगी की वजह से सभी 22.76 लाख किसानों को योजना का लाभ पूरी तरह से मिल जाएगा. इसपर विभाग के लोगों को ही संशय है.

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