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कृषि आशीर्वाद योजनाः 1300 करोड़ भी खर्च नहीं कर पायी BJP सरकार, अब कर रही योजना बंद करने का विरोध

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Ranchi: 2019 के विधानससभा चुनाव से ठीक पहले 2019 के जून महीने में मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना की शुरुआत झारखंड की बीजेपी सरकार करती है. हर एकड़ पर पांच हजार रुपये सरकार की तरफ से किसानों को दिये जाने का वादा किया जाता है.

35 लाख किसानों के बीच करीब तीन हजार करोड़ रुपये बांटने की योजना की शुरुआत देश के उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू रांची के हरमू मैदान से करते हैं. जून से आचार संहिता लगने तक यानि नवंबर तक पांच महीने में इस योजना के लिए सरकार की तरफ से 1300 करोड़ जमा किया जाता है. लेकिन ये राशि खर्च नहीं हो पाती है.

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1300 करोड़ में अब भी इस योजना मद में करीब 500 करोड़ रुपये की राशि बची हुई है. सरकार की तरफ से 800 करोड़ ही खर्च हुए. यह राशि करीब 25 लाख किसानों के बीच बटी. लिहाजा बीजेपी सरकार जिस मकसद से इस योजना की शुरुआत करती है, वो पूरा नहीं हो पाता है. दोबारा से बीजेपी सरकार नहीं बना पाती है.

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जेएमएम गठबंधन की सरकार बंद करेगी योजना

जेएमएम, कांग्रेस और राजद की गठबंधन वाली सरकार इस योजना के खिलाफ है. मंत्री की तरफ से मीडिया में बयान दिया जा रहा है कि इस योजना में कई तरह की गड़बड़ियां हुई हैं. इसलिए पहले इस योजना की जांच होगी, उसके बाद इस योजना को बंद किया जाएगा.

विभाग के मंत्री बादल पत्रलेख ने एक अखबार को दिए बयान में कहा है कि कृषि आशीर्वाद योजना में काफी गड़बड़ियां पायी गयीं हैं. इसलिए इसके जांच के आदेश दिये गये हैं.

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मंत्री का मानना है कि इस योजना में काफी बिचौलिए सक्रिय थे. राजनीतिक कद का गलत फायदा उठाकर पैसे किसान के बजाय अपने खाता में डलवाया गया है. इसकी वजह से जिन किसनों को योजना का फायदा मिलना था उन्हें यह फायदा नहीं मिला.

बीजेपी कर रही योजना बंद करने का विरोध

इधर बीजेपी पार्टी इस योजना के बंद करने का पुरजोर तरीके से विरोध कर रही है. पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव का कहना है कि किसान इस योजना से आत्मनिर्भर हो रहे थे. इस योजना की वजह से उनपर कर्ज का बोझ कम हो रहा था.

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राज्य के 35 लाख किसानों को इस योजना से फायदा हो रहा था. ऐसे में राजनीतिक विचारधारओं की वजह से इस योजना को बंद करना ठीक नहीं है. योजना बंद करने का फैसला मौजूदा सरकार की किसानों के प्रति कितना लगाव है इस बात को दर्शाता है.

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