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पलामू: सरकार की उपेक्षापूर्ण नीति से त्रस्त कृषक मित्रों ने शुरू की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल

मात्र 16 रूपये प्रतिदिन के प्रोत्साहन पर 24 घंटे काम करवाने का आरोप

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Daltongunj: पलामू जिले के 800 से अधिक कृषक मित्र अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं. कृषक मित्रों ने सरकार पर उपेक्षापूर्ण व्यवहार का आरोप लगाया है. कृषक मित्रों के कहना है कि उन्हे भी मनरेगा मजदूरों की तरह मजलूरी का भुगतान किया जाय. इसके अलावा भी उनकी छह मांगे और है. इससे पहले पिछले 15 दिनों तक कृषक मित्रों द्वारा कृषि सहित अन्य विभागीय कार्यों का बहिष्कार कर आन्दोलन चलाया गया था, लेकिन उस आंदोलन से बात नहीं बनी. इसके बाद उन्होंने भूख हड़ताल का निर्णय लिया.

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क्या कहना है कृषक मित्रों का?

समाहरणालय परिसर में भूख हड़ताल पर बैठे कृषक मित्रों ने कहा कि सरकार कृषि और किसानों की तरक्की की बात तो करती है, कई तरह की योजनाएं हर वर्ष लेकर आती है, लेकिन कभी भी कृषक मित्रों की भलाई के बारे में सरकार ने नहीं सोचा. कृषक मित्रों की बदहाली की जानकारी मुख्यमंत्री और विभाग के अधिकारियों को भी है. खुद कृषक मित्रों ने कई बार उनको पत्र लिखकर अपने बुरे आर्थिक हालत की जानकारी दी. लेकिन सारी जानकारी के बावजूद सरकार उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ करती रही. आठ वर्ष बीत जाने के बाद भी कृषक मित्रों को मात्र 16 रूपये प्रतिदिन के प्रोत्साहन पर 24 घंटे सेवा ली जा रही है.

कौन-कौन हैं भूख हड़ताल पर

झारखंड प्रदेश कृषक मित्र संघ के तत्वावधान में भूख हड़ताल में संघ के पलामू जिला अध्यक्ष रंजन कुमार दुबे, उपाध्यक्ष कृष्णा बैठा, रामसुंदर मेहता, जिला सचिव विश्वनाथ प्रसाद, गायत्री देवी, गुप्तेश्वर प्रसाद गुप्ता, बनारसी देवी, संतोष सिंह, विनोद प्रजापति, महेन्द्र महतो, अजगुत सिंह, प्रदीप सिंह, प्रशांत कुमार, रामदेव तोरी, अयुब अंसारी, मनोहर सिंह, रामकृष्ण मेहता, ब्रहमदेव पांडेय, सुजीत मिश्रा, मंगल पांडेय, सुदर्शन यादव शामिल हैं. कार्यक्रम की अध्यक्षता रौशन सिंह एवं सुरेन्द्र सिंह ने संयुक्त रूप से की, जबकि संचालन तनवीर आलम ने किया.

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