National

#KotaTragedy: 105 नवजात की मौत पर राजस्थान सरकार को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग का नोटिस

Kota/NewDelhi: राजस्थान के कोटा के जेके लोन अस्पताल में दिसंबर और जनवरी में 100 से ज्य़ादा बच्चों की मौत हो चुकी है.

इतने नवजात की मौत के बाद जहां राज्य सरकार ने स्वास्थ्य सुविधाएं और बेहतर करते हुए अस्पताल में वेंटिलेटर मगंवाये जाने की बात कही. वहीं एनएचआरसी ने सरकार से चार हफ्तों में जवाब मांगा है.

वहीं शुक्रवार को अस्पताल परिसर में अजीब ही वाकया हुआ. दरअसल सूबे के स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा जेके लोन हॉस्पीटल का दौरा करने वाले थे.

advt

और उनके स्वागत में अस्पताल में हरी कालीन बिछायी गयी. हालांकि बीजेपी के आलोचना करने के बाद स्वास्थ्य मंत्री के पहुंचने से पहले ही कालीन हटा ली गयी.

इसे भी पढ़ेंःअमेरिका-ईरान के बीच चरम पर तनाव, US गल्फ भेज रहा 3000 सैनिक

105 बच्चों की मौत के बाद व्यवस्था दुरुस्त करने की कवायद

शुक्रवार को स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा ने जेके लोन अस्पताल का दौरा किया और कई जरूरी निर्देश दिये. जिसमें अस्पताल के NICU वार्ड में ऑक्सीजन सप्लाई के लिए आवश्यक निर्माण कार्य 15 जनवरी तक पूर्ण कराने को कहा गया.

साथ ही समय पर उपकरणों की मरम्मत एवं सुविधाओं को दुरूस्त रखा जाए ताकि अस्पताल में आने वाले मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हो.
इसके अलावा साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखने के निर्देश भी रघु शर्मा ने दिये.

adv

उन्होंने कहा कि जेके लोन अस्पताल में हाडौती के साथ मध्य प्रदेश से भी प्रसूताएं एवं शिशु आते हैं ऐसे में उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग किया जाए.

एनएचआरसी ने राजस्थान सरकार को नोटिस भेजा

इधर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने 100 से अधिक शिशुओं की मौत के सिलसिले में राजस्थान सरकार को नोटिस जारी किया है.

आयोग ने बयान में कहा कि उसने मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर चार सप्ताह के भीतर इस मामले में विस्तृत रिपोर्ट देने के लिये कहा है. आयोग ने कहा कि नोटिस यह सुनिश्चित करने के लिये भेजा गया है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों.

इसे भी पढ़ेंःगढ़वा: अपराधियों ने होटल व्यवसायी पर चलायी गोली, बाल-बाल बचे

सरकार ने सावधानी क्यों नहीं बरती: ईरानी

कोटा अस्पताल में बच्चों की मौत को लेकर शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि पिछले साल 900 से अधिक मौत होने के बाद भी राजस्थान सरकार नहीं चेती.

महिला एवं बाल विकास मंत्री ने कहा कि यह मामला स्वास्थ्य मंत्रालय से जुड़ा हुआ है और राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग इसकी रिपोर्ट मंत्रालय को सौंपेगा. उन्होंने कहा कि इस मामले में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की टिपण्णी से वह आहत हैं.

ईरानी ने कहा, ‘‘वर्तमान में राजस्थान के मुख्यमंत्री की ओर से जिस तरह के वाक्य मैं सुन रही हूं, उससे एक मां और भारतीय होने के कारण दुखी हूं. राजस्थान सरकार ने इतनी मौतों के बावजूद कोई कार्रवाई इसलिए नहीं की क्योंकि मरने वाले बच्चे गरीब थे.”

राज्य के अधिकारियों द्वारा बताए गए आंकड़ों के अनुसार जेके लोन सरकारी अस्पताल में वर्ष 2019 में 963 बच्चों की मौत हुई थी, जबकि इसके पिछले वर्ष में यह आंकड़ा 1000 से ऊपर पहुंच गया था.

स्वास्थ्य मंत्री के स्वागत में बिछी कालीन

सरकार संचालित कोटा स्थित अस्पताल ने शुक्रवार को राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा के स्वागत में हरे रंग का कालीन बिछाया. इसी जेके लोन अस्पताल में दिसंबर में सौ अधिक बच्चों की मौत हुई है.

भाजपा और अन्य द्वारा इसकी आलोचना किए जाने के बाद जेके लोन अस्पताल प्रशासन ने मंत्री के आगमन से कुछ देर पहले ही कालीन हटा दिया.

अस्पताल में स्वागत संबंधी तैयारियों के बारे में पूछे जाने पर शर्मा ने कहा कि जब उन्हें कालीन के बारे में पता चला तो उन्होंने तुरंत अधिकारियों को ऐसी चीजें न करने का निर्देश दिया.

इसे भी पढ़ेंः#Palamu: टीपीसी ने 30 कारोबारियों की लिस्ट जारी कर दी चेतावनी- भेंट करो, नहीं तो एके 47 से भूने जाओगे  

advt
Advertisement

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Related Articles

Back to top button