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#KotaTragedy: बच्चों की मौत का आंकड़ा पहुंचा 104, उच्चस्तरीय केंद्रीय जांच दल आज पहुंचेगा कोटा

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New Delhi /Lucknow: कोटा में बच्चों की मौत का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है. अब तक 104 बच्चों के मौत की खबर है. साल के पहले दिन 3 बच्चों ने दम तोड़ा, जबकि गुरुवार को एक बच्चे की मौत हुई.

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इधर केन्द्र सरकार के विशेषज्ञों का एक उच्चस्तरीय दल शुक्रवार यानी आज को कोटा पहुंचेगा. केन्द्र ने ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए राजस्थान सरकार को अतिरिक्त मदद का आश्वासन भी दिया है. कोटा के प्रभारी मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास और स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा भी शुक्रवार को कोटा पहुंच रहे हैं.

केंद्रीय टीम लेगी जायजा

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की एक विशेष टीम राजस्थान के कोटा स्थित जेके लोन हॉस्पिटल जायेगी. इस टीम में जोधपुर एम्स के एक्सपर्ट डॉक्टर, स्वास्थ्य, वित्त और क्षेत्रीय निदेशक होंगे.

इसके साथ ही जयपुर से भी विशेषज्ञों को इसमें शामिल किया गया है. कोटा स्थित इस अस्पताल में उपचार के दौरान बीते दिसंबर और जनवरी में लगभग 104 बच्चों की मौत हो चुकी है.

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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्ष वर्धन ने बताया कि उन्होंने इस बारे में राजस्थान के मुख्यमंत्री से बात की है. केंद्रीय मंत्री ने बताया कि बाल रोग विशेषज्ञ की एक टीम को भी राजस्थान के लिए रवाना किया गया है, ताकि वहां बच्चों की मौत रोकी जा सके.

इधर मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि उन्होंने केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन को फोन किया और उनसे कोटा के सरकारी अस्पताल का दौरा करने तथा वहां की व्यवस्थाएं व्यक्तिगत रूप से देखने का आग्रह किया.

मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर कहा, ‘‘मैंने केंद्रीय मंत्री डॉ. हर्षवर्धन को फोन किया और उनसे आग्रह किया कि वे खुद कोटा आएं, ताकि देख सकें कि राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने वहां कैसी श्रेष्ठ सुविधाएं उपलब्ध कराते हुए समुचित प्रबंध किया है.’’

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मामले पर गरमायी राजनीति

मामले के राजनीतिक तूल पकड़ने के बीच कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पार्टी के राज्य प्रभारी अविनाश पांडे से बच्चों की मौत और अशोक गहलोत सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी ली.

मामले पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सिलसिलेवार ट्वीट में राजस्थान सरकार पर निशाना साधा.

योगी ने एक ट्वीट में कहा, ‘(राजस्थान के) कोटा में करीब 100 मासूमों की मौत बेहद दुःखद और हृदय विदारक है. माताओं की गोद उजड़ना सभ्य समाज, मानवीय मूल्यों और संवेदनाओं पर धब्बा है.’

उन्होंने कहा, ‘अत्यंत क्षोभ है कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका वाड्रा महिला होकर भी माताओं का दुःख नहीं समझ पा रहीं.’

योगी ने एक अन्य ट्वीट में कांग्रेस महासचिव पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘(प्रियंका गांधी) वाड्रा अगर यू.पी. में राजनीतिक नौटंकी करने की बजाय उन गरीब पीड़ित माताओं से जाकर मिलतीं, जिनकी गोद केवल उनकी पार्टी की सरकार की लापरवाही की वजह से सूनी हो गई है, तो उन परिवारों को कुछ सांत्वना मिलती.’’

वहीं, बसपा प्रमुख मायावती ने भी सिलसिलेवार ट्वीट करते हुए राजस्थान सरकार को निशाने पर लिया.

उन्होंने कहा, ‘कोटा जिले में हाल ही में लगभग 100 मासूम बच्चों की मौत से मांओं की गोद उजड़ना अति-दुःखद और दर्दनाक है. वहां के मुख्यमंत्री गहलोत और उनकी सरकार इसके प्रति अभी भी उदासीन, असंवेदनशील तथा गैर-जिम्मेदार बने हुए हैं.’

मायावती ने एक अन्य ट्वीट में प्रियंका गांधी पर निशाना साधते हुए कहा, ‘इससे भी ज्यादा दुःखद है कि कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेतृत्व, खासकर महिला महासचिव का इस मामले में चुप्पी साधे रखना.

अच्छा होता कि वह उप्र की तरह राजस्थान जाकर उन गरीब पीड़ित मांओं से भी मिलतीं, जिनकी गोद उनकी पार्टी की सरकार की लापरवाही के कारण उजड़ गई.’

बसपा नेता ने अन्य ट्वीट में कहा ‘यदि कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव राजस्थान के कोटा में जाकर मृतक बच्चों की मांओं से नहीं मिलती हैं तो उप्र में किसी भी मामले में पीड़ितों के परिवार से उनकी मुलाकात राजनीतिक स्वार्थ और कोरी नाटकबाजी ही मानी जाएगी, जिससे जनता को सतर्क रहना है.’

मामले पर ना हो राजनीति- गहलोत

वहीं, आरोपों और आलोचना के जवाब में गहलोत ने कहा कि सरकार बीमार शिशुओं की मौत पर पूरी तर संवेदनशील है. इस मामले में राजनीति नहीं होनी चाहिए.

गहलोत ने ट्वीट किया, ‘‘जेके लोन अस्पताल, कोटा में हुई बीमार शिशुओं की मृत्यु पर सरकार संवेदनशील है. इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए. कोटा के इस अस्पताल में शिशुओं की मृत्यु दर लगातार कम हो रही है. हम आगे इसे और भी कम करने के लिए प्रयास करेंगे. मां और बच्चे स्वस्थ रहें, यह हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है.’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले में मीडिया किसी दबाव में आए बिना तथ्य प्रस्तुत करे.

वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने बच्चों की मौत पर दुख जताते हुए राज्य सरकार को ठोस कदम उठाने का संदेश दिया.

सोनिया ने ली मामले की जानकारी

सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कोटा के सरकारी अस्पताल में बच्चों की मौत को लेकर दुख जाहिर करते हुए पार्टी के राज्य प्रभारी अविनाश पांडे से स्थिति की जानकारी ली तथा उनके माध्यम से राज्य सरकार को यह संदेश दिया कि इस मामले में और ठोस कदम उठाए जाएं.

सोनिया से मुलाकात के बाद पांडे ने संवाददाताओं से कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कांग्रेस अध्यक्ष के पास एक विस्तृत रिपोर्ट भेजी है.

उन्होंने कहा, ‘‘आज की मुलाकात में कई मुद्दों पर चर्चा हुई. सोनिया जी कोटा के मामले पर चिंतित हैं.’’

भाकपा ने भी कोटा के अस्पताल में नवजात बच्चों की मौत की घटना पर चिंता व्यक्त की है.

वहीं, भाजपा के राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनियां ने कहा, ‘‘कांग्रेस पार्टी बच्चों की मौत पर सियासत कर रही है. हमारे तीन प्रतिनिधिमंडल वहां गए. हम बच्चों की मौत पर राजनीति नहीं कर रहे, लेकिन सरकार को चेत जाना चाहिए. इतना होने के बावजूद सरकार चेती नहीं है जो बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है.’’

इस बीच, जेके लोन अस्पताल के शिशु रोग विभाग के प्रमुख डा. एएल बैरवा ने बताया कि अस्पताल में 12 बिस्तरों के एक और आईसीयू को मंजूरी मिल गई है. इसके लिए काम शुरू हो गया है.

अस्पताल में बुधवार को तीन तथा बृहस्पतिवार को एक और नवजात शिशु की मौत के साथ दिसंबर और जनवरी माह में मरने वाले नवजात शिशुओं की संख्या 104 हो गई है.

SP Deoghar

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