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बोकारो थर्मल में डीवीसी की कॉलोनी से बहते सिवरेज से कोनार नदी हो रही प्रदूषित

साढ़े तीन वर्ष बाद केंद्रीय मंत्री के निर्देश का नहीं हुआ पालन

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Bermo : बोकारो थर्मल में डीवीसी की कालोनियों सहित प्राईवेट कालोनियां मसलन अंबेदकर नगर, राजाबाजार के सैकड़ों घरों से निकलने वाले गंदे पानी, सिवरेज एवं मल से कोनार नदी के जल को लगातार प्रदूषित किया जा रहा है. इस संबंध में भाकपा नेता ब्रजकिशोर सिंह, दामोदर बचाओ अभियान के संयोजक गुलाबचंद्र ने कहा कि डीवीसी के स्थानीय कालोनी के आवासों का गंदा पानी राजा बाजार एवं अंबेदकर नगर के बीच से गुजरने वाले बड़े नाला से होकर बहता है. डीवीसी एवं प्राईवेट कालोनियों से बहने वाले इस नाला के दोनों किनारों पर अंबेडकर नगर एवं राजा बाजार के सैकड़ों घरों का निर्माण कर लिया गया है. निर्माण के बाद बनाये गये सभी घरों का मल-मूत्र सीधे नाला में बहाया जा रहा है. नाला आगे जाकर श्मसान घाट में कोनार नदी में प्रवाहित होकर नदी के जल को प्रदूषित कर रहा है. जिसका सेवन अंततः कालोनी के ही लोगों को पेयजल के रुप में करना पड़ रहा है.

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इंटेक से सप्लाई हो रहा पीने का पानी

कोनार नदी में जिस स्थान पर बोकारो थर्मल की आवासीय एवं निजी कॉलोनी का गंदा पानी एवं सिवरेज प्रवाहित हो रहा है उससे महज चंद मीटर की ही दूरी पर डीवीसी का इंटेक है जहां से आवासीय कालोनी में पीने का पानी सप्लाई किया जाता है. कालोनीवासी उसी प्रदूषित पानी का सेवन करने को विवश हैं.

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नहीं है सिवरेज ट्रिटमेंट प्लांट

बोकारो थर्मल में डीवीसी का अपना कोई सिवरेज ट्रिटमेंट प्लांट नहीं होने के कारण कालोनी का सारा सिवरेज नदी में जा रहा है. वर्ष 2005 में डीवीसी द्वारा एसटीपी निर्माण को लेकर मेकॉन कंपनी से कॉलोनी का सर्वे कराया गया जिस पर लगभग 20 लाख रुपये खर्च हुए थे. कंपनी ने एसटीपी निर्माण पर लगभग बीस करोड़ रुपये का बजट डीवीसी को दिया, परंतु फंड की कमी एवं डीवीसी की खराब वित्तीय स्थिति के कारण निर्माण एसटीपी निर्माण का कार्य आरंभ नहीं हो सका.

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साढ़े तीन वर्ष पूर्व केंद्रीय मंत्री ने दिया था निर्देश

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झारखंड के मंत्री तथा दामोदर बचाओ आंदोलन के अध्यक्ष सरयू राय की पहल पर मई 2015 में केंद्रीय कोयला एवं ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल की अध्यक्षता में दिल्ली में डीवीसी एवं कोल इंडिया के अध्यक्षों के साथ दामोदर एवं उसकी सहायक नदियों को प्रदूषण मुक्त करने तथा नदियों में जा रहे सिवरेज पर रोक लगाने को लेकर बैठक की गयी थी. बैठक में केंद्रीय मंत्री ने डीवीसी अध्यक्ष को तीन माह में नदी में जा रहे सिवरेज पर रोक लगाने का निर्देश दिया था. केंद्रीय मंत्री के आदेश के साढ़े तीन वर्ष बाद भी इस पर अमल नहीं किया जा सका है. नतीजतन आज भी कॉलोनी का सिवरेज नदी में जाकर नदी के जल को प्रदूषित कर रहा है.

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सर्वोच्च न्यायालय के भी हैं कड़े निर्देश

नदियों में सिवरेज बहाने को लेकर सर्वोच्च न्यायालय ने भी कड़े निर्देश राज्य के प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों को दे रखा है.

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डीवीसी मुख्यालय गंभीर

बोकारो थर्मल के डीजीएम पीके सिंह का इस संबंध में कहना है कि बोकारो थर्मल में कोनार नदी में जा रहे सिवरेज को रोकने तथा एसटीपी निर्माण को लेकर डीवीसी मुख्यालय काफी गंभीर है. मुख्यालय के द्वारा इसके निर्माण को लेकर मेकॉन कंपनी से पुनः रिर्पोट मांगी गयी है. जल्द ही इस दिशा में कार्य आरंभ हो जाएगा. इस मामले में सीसीएल प्रबंधन को भी जोड़ना है.

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