West Bengal

Kolkata : डॉक्टर ने 270 किलोमीटर ड्राइव कर 8 साल की बच्ची को घर पहुंचाया

Kolkata : जानलेवा महामारी कोविड-19 से मुकाबले में डॉक्टरों की भूमिका की पूरी दुनिया में प्रशंसा हो रही है. इसी बीच कोलकाता में एक डॉक्टर ने एक और ऐसा काम किया जिससे उसकी कापी चर्चा हो रही है.

लॉकडाउन की वजह से अस्पताल में फंसी एक आठ साल की बच्ची को लेकर डॉक्टर ने खुद 270 किलोमीटर तक कार चला कर उसे घर पहुंचाया. कोलकाता के एसएसकेएम अस्पताल में डॉ बबलू सरदार एनएसथेटिस्ट हैं.

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एंबुलेंसवाले मांग रहे थे अधिक राशि

दरअसल अस्पताल में इलाजरत आठ साल की बच्ची एंजेला ठीक हो गयी थी, जिसके बाद 23 मार्च को उसे घर जाने की इजाजत दी गयी. लॉकडाउन की वजह से अस्पताल के एंबुलेंस चालक बच्ची के परिजन राजेश बक्शी से काफी अधिक राशि मांग रहे थे, जो देना उनके लिए नामुमकिन था.

राजेश दैनिक मजदूर के रूप में बीरभूम में पत्थर काटने का काम करता है. वह काफी परेशान हो गया था. घर पहुंचाने के लिए एंबुलेंस चालकों के पास गिड़गिड़ाते हुए दो दिन बीत गये थे. राजेश की एक और बच्ची है जो इतने दिनों से घर में अकेली रह रही थी.

एंबुलेंस चालक उससे 13 हजार रुपये मांग रहे थे जो उसके लिए वहन कर पाना संभव नहीं था. 25 मार्च की रात डॉक्टर बबलू सरदार की नजर इस परिवार पर पड़ी जिसके बाद वह खुद को रोक नहीं पाये.

उस आठ साल की बच्ची एंजेला को उन्होंने अपने पास बुलाया और पूरे हालात के बारे में पूछा तो पता चला कि 23 मार्च को ही इन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल गयी थी, लेकिन 48 घंटे से वह घर जाने की कोशिश में जुटे हुए थे. जिसके बाद बबलू सरदार ने एंजेला और उसके माता-पिता को घर पहुंचाने का निर्णय लिया.

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रात में चलायी कार, सुबह पहुंचे ड्यूटी पर

अगले दिन सुबह 10 बजे डॉ बबलू सरदार की ड्यूटी थी. इसलिए रात नौ बजे अस्पताल से छूटने के बाद डॉक्टर ने डिनर नहीं किया और उन्होंने पूरे परिवार को अपनी गाड़ी में बैठा कर 270 किलोमीटर दूर झारखंड सीमा पर मौजूद गांव सुलूंगा पहुंचाया. रात तीन बजे वे बच्ची के घर पहुंच सके. रास्ते में इलमबाजार में पुलिस ने उन्हें रोका भी था लेकिन डॉक्टर ने उन्हें पूरी कहानी बतायी जिसके बाद उन्हें जाने दिया गया.

डॉक्टर ने परिवार को जब उनके घर पहुंचाया तो गांववाले भी सराहना करने के लिए आ पहुंचे. एंजेला की बहन घर पर थी जो अकेली रह रही थी. परिवार एक दूसरे से मिल कर काफी खुश थे. अगले दिन वापस आकर डॉक्टर ने सुबह 10 बजे अपनी ड्यूटी भी ज्वाइन कर ली. डॉ बबलू सरदार ने जब इस घटना के बारे में सोशल मीडिया पर लिखा तो उन्हें ढेरों बधाइयां मिल रही हैं.

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