West Bengal

Kolkata : #Religion को अफीम बताने वाली माकपा पहुंची चैतन्य महाप्रभु की शरण में

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Hooghly : पश्चिम बंगाल की सत्ता पर 33 सालों तक राज करने वाली वामपंथी पार्टियां धर्म को अफीम बताती रही हैं. लेकिन आज सत्ता खोने के नौ साल बाद उनका राजनीतिक अस्तित्व इस कदर खतरे में पड़ा है कि उसे बचाने के लिए अब धर्म का ही सहारा लेना पड़ रहा है.

दरअसल माकपा के नवद्वीप पूर्व एरिया कमेटी की ओर से सोशल साइट पर एक पोस्टर जारी किया गया है जिसमें श्री श्री चैतन्य महाप्रभु के 534वें आविर्भाव दिवस और होली की शुभकामनाएं दी गयी हैं. इसके पहले शायद ही ऐसा हुआ हो कि माकपा अथवा वाममोर्चा घटक दल में शामिल किसी भी अन्य पार्टी ने धार्मिक शुभेच्छा व्यक्त की हो.

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भाजपा से मुकाबले के लिए माकपा धर्म का सहारा लेने से नहीं कतरा रही है

श्री श्री चैतन्य महाप्रभु

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अब पश्चिम बंगाल में तेजी से बढ़ती भारतीय जनता पार्टी से मुकाबले के लिए माकपा भी धर्म का सहारा लेने से नहीं कतरा रही है. इस बारे में पूछने पर माकपा विधायक दल के नेता सुजन चक्रवर्ती ने सफाई देते हुए कहा कि सांप्रदायिक शक्तियों से मुकाबले के लिए धर्म को जनसंपर्क का जरिया बनाया जा रहा है. इसका मतलब यह नहीं है कि हम लोग मजहब को आधार बनाकर राजनीति कर रहे हैं.

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उल्लेखनीय है कि एक समय था जब राज्य की वाम मोर्चा सरकार में मंत्री रहे दिवंगत सुभाष चक्रवर्ती को मंदिर जाने की वजह से माकपा ने उन्हें कारण बताओ नोटिस दे दिया था और उन्हें सफाई देनी पड़ी थी. आज इसी माकपा ने जनसंपर्क के लिए धार्मिक अनुष्ठानों और धर्म स्थलों को जरिया बनाने की शुरुआत कर दी है. इसे बंगाल के राजनीतिक हलकों में  अहम घटनाक्रम के तौर पर देखा जा रहा है.

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