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कोडरमा : रेलवे ट्रैक पर अर्धनग्न अवस्था में मिला नाबालिग का शव, दुष्कर्म की आशंका

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Koderma: कोडरमा रेल थाना क्षेत्र के रेलवे ओवर ब्रिज के नीचे मंगलवार की सुबह अर्धनग्न अवस्था में नाबालिग का शव बरामद हुआ है. घटना की जानकारी मिलते ही कोडरमा जीआरपी मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया.

पुलिस मामले की छानबीन में जुट गयी है. पुलिस ने बताया कि प्रथम दृष्टया से मामला दुष्कर्म कर हत्या किये जाने का लग रहा है. हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही नाबालिक की मौत की असली वजह पता चल सकेगी. साथ ही दुष्कर्म किया गया है या नहीं यह बात भी साफ हो जायेगी.

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दुष्कर्म के बाद हत्या की आशंका

नाबालिग के शव को देखकर आशंका जतायी जा रही है कि पहले उसके साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया गया और फिर उसकी हत्या कर दी गयी. हत्या किये जाने के बाद शव को रेलवे ट्रैक के पास लाकर फेंक दिया गया.

बताया जा रहा है कि नाबालिग के शव पर गहरे जख्म के निशान भी नहीं है. जिससे कि इस बात का अंदाजा लगाया जा रहा है कि शव को कहीं और से लाकर ओवर ब्रिज के नीचे फेंका गया है. अगर युवती ओवर ब्रिज से गिरी होती तो उसके शरीर पर गहरे जख्म होते.

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झारखंड में हर दिन हो रही पांच दुष्कर्म की घटनाएं

झारखंड में प्रतिदिन पांच दुष्कर्म की घटनाएं हो रही हैं. यह हम नहीं झारखंड पुलिस के आंकड़े कह रहे हैं. आंकड़ों के मुताबिक झारखंड में जनवरी से लेकर जून तक 896 दुष्कर्म की घटनाएं हुईं हैं.

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इन छह महीनों के आंकडों की बात की जाये तो जनवरी में 109, फरवरी 125, मार्च 114, अप्रैल 176, मई 179 और जून में 196 घटनाएं घटी हैं.

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दुष्कर्म की सबसे ज्यादा शिकार बनती हैं नाबालिग

इस वर्ष हुए 896 दुष्कर्म की घटनाओं में आधे से ज्यादा नाबालिग इसकी शिकार हुईं हैं. आरोपी छोटी बच्चियों को अपनी हैवानियत का शिकार बनाने के बाद उनकी बर्बर तरीके से हत्या कर देते हैं.

गैर सरकारी संगठनों का मानना है कि यह आंकड़ा असलियत से बहुत कम है. देश में अब भी बलात्कार के ज्यादातर मामले पुलिस तक नहीं पहुंचते. खासकर राज्य के कई आदिवासी बहुल क्षेत्रों और ग्रामीण इलाकों में ऐसे मामले पंचायत स्तर पर ही निपटा लिए जाते हैं. इसकी सबसे बड़ी वजह ऐसे मामलों से बदनामी, कलंक, इज्जत और शर्म का जुड़ा होना है.

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