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जानिये अमेरिकी फाइटर जेट्स ने सीरिया में क्यों बरसाये बम, ईरान समर्थक 17 लड़ाके मारे गये

अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने की पुष्टि

New Delhi : अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाईडन के सत्ता संभालने के बाद पहली बार अमेरिका ने सैनिक कार्रवाई की है. अमेरिकी सेना ने पूर्वी सीरिया में ईरान के समर्थन वाले सशस्त्र समूहों पर हमले किए हैं. अमेरिका ने इराक में अपने सैनिकों के ठिकानों पर हुए रॉकेट हमलों के जवाब में यह कार्रवाई की है.

 

इस संबंध में अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने कहा, ‘प्रेसिडेंट जो बाइडेन के निर्देश पर अमेरिकी मिलिट्री फोर्सेज ने गुरुवार को पूर्वी सीरिया में ईरानी सशस्त्र समूहों के इन्फ्रास्ट्रक्चर पर हमला किया है.’ कहा जा रहा है कि इस कार्रवाई में सशस्त्र समूहों के करीब 17 लड़ाके मारे गए हैं. अमेरिकी प्रवक्ता ने साफ तौर पर कहा कि यह कार्रवाई इराक में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हुए रॉकेट हमलों के जवाब में की गई है.

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इराक में अमेरिकी ठीकानों पर हुए हमलों के जवाब में हुआ एक्शन

जॉन किर्बी ने कहा, ‘अमेरिकी और नाटो सेनाओं के सैन्य ठिकानों पर हाल ही में इराक में हुए हमलों के जवाब में यह एक्शन हुआ है.’ पेंटागन के मुताबिक अमेरिकी फाइटर जेट्स ने 7 ठिकानों को निशाना बनाते हुए 7 500-lb बम गिराए हैं. इनमें से एक ठिकाना ईरान और सीरिया के बॉर्डर पर स्थित क्रॉसिंग भी है. अमेरिका का कहना है कि इस क्रॉसिंग का इस्तेमाल ईरान समर्थित उग्रवादी समूह हथियारों के मूवमेंट के लिए करते थे.

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‘अमेरिकी हमलों में तीन ट्रक तबाह हुए

किर्बी ने कहा कि इन हमलों में ईरान समर्थित समूहों के कई ठिकाने तबाह हो गए हैं. इन समूहों में कताएब हिजबुल्ला और कताएब सैयद अल-सुहादा शामिल हैं.
सीरिया के एक मानवाधिकार संगठन ने अमेरिकी हमलों में एक दर्जन से ज्यादा ईरान समर्थित लड़ाकों के मारे जाने की पुष्टि की गई है. सीरियन ऑब्जरवेट्री फॉर ह्यूमन राइट्स के डायरेक्टर रामी अब्दुल रहमान ने कहा, ‘अमेरिकी हमलों में तीन ट्रक तबाह हो गए हैं, जिन पर ईरान समर्थित समूहों ने हथियार लाद रखे थे. इसके अलावा बड़ी संख्या में मौतें भी हुई हैं. शुरुआती जानकारी मिली है कि करीब 17 लड़ाके मारे गए हैं.’ ग्रुप का कहना है कि मारे गए सभी लड़ाके हाशद अल-शाबी ग्रुप के हैं, जो ईरान समर्थित सशस्त्र समूहों का प्रमुख संगठन है.

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