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जानिए किस अखबार की 200 वीं वर्षगांठ में शामिल होने जा रहे पीएम मोदी, इस अखबार का प्रकाशन तब शुरू हुआ, जब देश में हिंदी में कोई अखबार नहीं था

Sanjay Prasad

Jamshedpur : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज दो सौ साल पुराने अखबार मुंबई समाचार की 200 वीं वर्षगांठ में शामिल होने जा रहे हैं. अखबार की इस अनूठी उपलब्धि के मौके पर एक डाक टिकट भी जारी किया जायेगा. गुजराती भाषा में प्रकाशित होने वाले इस अखबार का प्रकाशन एक जुलाई 1822 में शुरू हुआ था. आपको जानकर आश्चर्य होगा कि उस वक्त तक भारत में हिंदी का कोई अखबार नहीं निकलता था. हिंदी का पहला अखबार उदन्त मार्तण्ड  था, जिसका प्रकाशन 1826 में कोलकाता से एक साप्ताहिक पत्र के रूप में शुरू हुआ था. इस अखबार को पंडित जुगल किशोर शुक्ल निकालते थे, जो मूल रूप से कानपुर के रहने वाले थे. गुजराती के अलावा उस समय अंग्रेजी, फारसी और बांग्ला में भी अखबार निकल रहे थे. अंग्रेजी का पहला अखबार बंगाल गजट था, जिसे जेम्स आगस्ट हिक्की कोलकाता से निकालते थे. इसका प्रकाशन 1779 में शुरू हुआ था, जिसे देश का पहला अखबार माना जाता है.

पारसी परिवार ने निकाला मुंबई समाचार
मुंबई समाचार अखबार के संस्थापक पारसी विद्वान फार्दून जी थे, जिन्होंने 1822 में प्रथम देशी मुद्रणालय की स्थापना की और इसी साल मुंबई समाचार का प्रकाशन भी शुरू किया. उस वक्त इसे बॉम्बे समाचार के नाम से जाना जाता था. मुंबई समाचार का मुख्यालय मंबई में है. वैसे अहमदाबाद, वडोदरा, बैंगलुरु और नयी दिल्ली में भी इसका प्रकाशन होता है. एक मई 1960 के पहले गुजरात और महाराष्ट्र एक ही राज्य हुआ करते थे. मंबई में गुजराती और मराठी भाषा बोलने वाले लोग थे. 1832 तक यह अखबार साप्ताहिक, 1855 तक द्विसाप्ताहिक और उसके बाद दैनिक रूप से प्रकाशित होने लगा.

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भारत की आजादी में भी अहम भूमिका
भारत की आजादी में इस अखबार ने अहम भूमिका निभाई है. महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरु, वल्लभ भाई पटेल जैसे स्वतंत्रता सेनानियों ने इस अखबार में लिखे. यह अखबार आज भी देश के मीडिया के लिए नजीर है, जो सनसनीखेज समाचारों को ही प्रमुखता देता है. इसकी संपादन नीति सनसनीखेज समाचार देने की नहीं, बल्कि एक निष्पक्ष और ईमानदार तरीके से घटनाओं को प्रस्तुत करने की रही है. शुरू से लेकर आज तक इसका संचालन कामा परिवार के अलग-अलग व्यक्तियों के हाथों में रहा हैं.

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