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जानिए, क्या हुआ जब झारखंड निवासी यह पुलिस कमिश्नर ‘मौलाना’ बनकर घूमता रहा थाने-दर-थाने!

Ranchi/Pune: नाम है कृष्ण प्रकाश. झारखंड निवासी इस आईपीएस अफसर की काबिलियत और फितरत से जो लोग वाकिफ हैं, उन्हें पता है नियम-कानून फॉलो करने-कराने के लिए वे किसी भी हद तक चले जाते हैं.

इन दिनों महाराष्ट्र के पुणे के पास पिंपरी-चिंचवाड़ के पुलिस कमिश्नर के रूप में पोस्टेड हैं. गुरुवार की रात वह सहयोगी असिस्टेंट पुलिस कमिश्नर प्रेरणा कट्टे के साथ मुस्लिम दंपती की शक्ल बनाकर थाना-दर-थाना घूमते रहे.

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मकसद यह जानना था कि पुलिस थानों में आम आदमी के साथ कैसा सलूक होता है, थानों में कोविड प्रोटोकॉल किस हद तक फॉलो किया जा रहा है और इस कोरोना काल में मदद की गुहार लगाने वालों के साथ पुलिस अफसर कैसे पेश आते हैं.

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थाने वालों ने ऐसा किया सलूक

पुलिस कमिश्नर कृष्ण प्रकाश और एसीपी प्रेरणा मुस्लिम कपल की शक्ल बनाकर पिंपरी पुलिस स्टेशन पहुंचे. कृष्ण प्रकाश ने विग, नकली दाढ़ी, मुड़ा-तुड़ा कुर्ता, टोपी और विग लगा रखा था, जबकि एसीपी प्रेरणा कट्टे ने सलवार कुर्ती पहन रखी थी. दोनों ने मास्क भी लगा रखा था.

उन्होंने पिंपरी पुलिस से शिकायत की कि जब उन्होंने बीमार पड़ोसी को अस्पताल ले जाने के लिए आपातकालीन एम्बुलेंस सेवा को फोन किया, तो उन्हें बताया गया कि इसके एवज में उन्हें 5000 रुपये देने होंगे.

उनकी इस शिकायत पर पुलिस कर्मियों ने कोई नोटिस नहीं लिया. उन दोनों को तीन किलोमीटर दूर संत तुकाराम नगर पुलिस चौकी में जाकर शिकायत दर्ज कराने की नसीहत दी गयी.

इस दौरान पुलिस कमिश्नर और एसीपी ने पाया कि थाने के लॉकअप में एक साथ नौ लोगों को बंद रखा गया था, जबकि कोविड प्रोटोकॉल के तहत सभी पुलिस थानों को सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करने के निर्देश दिये गये हैं.

अब इस थाने के पुलिसकर्मियों के खिलाफ शो-कॉज नोटिस जारी किया गया है और उनके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है.

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…और तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना हुई पुलिस

इसके बाद वे दोनों हिंजवाड़ी और वाकड पुलिस स्टेशन भी गये. हिंजवाडी पुलिस स्टेशन में कमाल खान बने पुलिस कमिश्नर ने शिकायत की कि जब वे नमाज अदा करके लौट रहे थे, तब कुछ असामाजिक तत्वों ने उनकी पत्नी को परेशान किया और जब उन्होंने विरोध किया तो उनकी पिटाई की गयी.

हिंजवाड़ी पुलिस ने इस शिकायत पर तुरंत एक्शन लिया और उस स्थान पर पहुंची, जहां उन्होंने अपने साथ मारपीट की शिकायत की थी. पुलिस ने पाया कि वहां कुछ युवक रात में पटाखे फोड़ रहे थे.

पुलिस दस्ते ने उन युवकों को पकड़कर पूछताछ शुरू की, तब जाकर पुलिस कमिश्नर ने उन्हें अपना परिचय दिया. जाहिर था, हिंजवाड़ी पुलिस थाने के कर्मियों को इस तत्परता के लिए अपने कमिश्नर से शाबासी मिली.

इसी तरह उन्होंने वाकाड पुलिस स्टेशन पहुंचकर एक बाइकर द्वारा चेन छीन की शिकायत की तो पुलिस तुरंत घटनास्थल पर जाने को तैयार हो गयी. ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें समझाया कि महामारी के इस वक्त में देर रात आप दोनों को ऐसे नहीं निकलना चाहिए था. उन्होंने दोनों को पुलिस वाहन में घर पहुंचाने की पेशकश की.

कौन हैं कृष्ण प्रकाश

बता दें कि कृष्ण प्रकाश मूल रूप से झारखंड के हजारीबाग के रहनेवाले हैं. पढ़ाई-लिखाई भी यहीं हुई. महाराष्ट्र कैडर के आईपीएस हैं. वहां के विभिन्न जिलों और पदों पर सेवाएं दे चुके हैं.

अपनी अलहदा स्टाइल और पुलिसिंग के अनूठे प्रयोगों को लेकर लगातार चर्चा में रहे हैं. राज्य में उन्हें लोग सिंघम के रूप में जानते हैं. फिजिकल फिटनेस और मैराथन की अंतराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उन्होंने कई मेडल जीते हैं. उन्हें स्ट्रांगमैन ऑफ इंडिया के खिताब से भी नवाजा जा चुका है.

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