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जानें, झारखंड में राष्ट्रीय महत्व स्मारक व स्थल कौन-कौन हैं, संरक्षण पर कितना हो रहा है खर्च

Ranchi: देश भर में राष्ट्रीय महत्व के 3693 स्मारक या स्थल हैं. संस्कृति, पर्यटन और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय (केंद्र सरकार) की मानें तो इनमें झारखंड के 13 स्मारक या स्थल भी शामिल हैं. इस लिस्ट में उत्तर प्रदेश सबसे आगे है जहां इसकी संख्या 743 है. इसके बाद कर्नाटक (506), तमिलनाडु (412), मध्य प्रदेश (291), महाराष्ट्र (286), गुजरात (203) और नई दिल्ली (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, 174) जैसे राज्य हैं. लिस्ट में निचले पायदान पर मणिपुर, मिजोरम जैसे राज्य (1-1) हैं.

 

झारखंड में राष्ट्रीय महत्व के ये हैं स्मारक

लोकसभा के मॉनसून सत्र में सांसद जयंत सिन्हा और सुनील कुमार सिंह ने पर्यटन मंत्रालय से झारखंड में राष्ट्रीय महत्व के स्मारकों के अलावे संरक्षित स्मारकों, स्थलों के संबंध में जानकारी की मांग की थी. साथ ही पिछले पांच वर्षों के दौरान संरक्षित स्मारकों के संरक्षण, परिरक्षण और पर्यावरणीय विकास पर किये गये खर्च के संबंध में भी पूछा था. इस पर केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी ने जानकारी दी कि देश में 3693 राष्ट्रीय महत्व के स्मारक, स्थल हैं जिनमें से झारखंड में 13 स्मारक भी शामिल हैं.

राज्य में (झारखंड) में राष्ट्रीय महत्व के स्मारकों या स्थलों की सूची में सबसे अधिक स्थल खूंटी में हैं. इस जिले के हेंसा, कथारटोली, खूंटी तोला, कुंजला, सरीदकेल में असुर स्थल इस श्रेणी में हैं. इसके बाद साहेबगंज जिला है. यहां के अराजी मुखीमपुर में बारादरी भवनों के खंडहर और उंचे टीले पर खड़ा मार्ग तथा हदाफ में स्थित जामा मस्जिद ऐतिहासिक स्मारकों की सूची में हैं. गुमला जिले के नवरत्नगढ़ में स्थित महल और मंदिर परिसर भी राष्ट्रीय स्मारक हैं. लोहरदगा जिले के खेकपात्र इलाके में स्थित एक छोटे से शिवलिंग के साथ अंदर प्राचीन पाषाण मंदिर को राष्ट्रीय महत्व के स्मारक हैं. सरायकेला खरसावां के ईटागढ़ में प्राचीन टीला (स्थानीय रूप से कुलुगढ़ और बासपुत के नाम से भी प्रचलित) भी इस सूची में है. पूर्वी सिंहभूम के रूआम में एक पुराने किले का स्थल, रांची के हराडीह में हराडीह मंदिर और पश्चिमी सिंहभूम के बेनीसागर के समीप स्थित मंदिरों और मूर्तियों के पुराने अवशेष को भी इसमें शामिल किया गया है. इसके अलावा केंद्र सरकार की ओर से गुमला के दोइसा नगर, नवरतनगढ़, सिसई में टेराकोटा ईंटों के मंदिर को राष्ट्रीय महत्व के रूप में घोषित किये जाने को इस स्थल की पहचान कर ली गयी है.

 

राष्ट्रीय स्मारकों के संरक्षण पर इतना व्यय

केंद्र के मुताबिक 2017-18 से 2021-22 तक झारखंड (रांची मंडल अंतर्गत) में सभी राष्ट्रीय महत्व के स्मारकों, स्थलों पर उसके संरक्षण और अन्य कार्यों के लिये भी पैसे खर्च किये गये हैं. 2017-18 में 175.00 लाख, 2018-19 में 86 लाख, 2019-20 में 160 लाख, 2020-21 में 88.22 और 2021-22 में 116.00 लाख व्यय किये जा चुके हैं.

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