Opinion

इस सच को जानिये, आपके बच्चों का करियर दिहाड़ी मजदूर जैसी होने वाली है!

विज्ञापन

Soumitra Roy

आप अपने बच्चों को ऊंची से ऊंची शिक्षा दिलाने में लाखों रुपए खर्च करते हैं. इस उम्मीद से कि उनका करियर अच्छा होगा. उन्हें अच्छी जगह नौकरी मिलेगी और वे जल्दी सैटल हो जाएंगे.

तो आप गलतफहमी में हैं. केंद्र की मोदी सरकार की नीतियां हालात ऐसे बनाते जा रहे हैं कि आपके बच्चे हमेशा मारे-मारे फिरेंगे.

advt

आप पूछेंगे- ऐसा क्यों ?

लोकसभा में 19 सितंबर को श्रम और रोजगार मंत्री संतोष कुमार गंगवार ने कोड ऑन इंडिस्ट्रियल रिलेशंस 2020 बिल पेश किया है. आप जानते हैं इसके कानून बनने के बाद क्या होगा?

इस बिल में लिखा है कि सरकार कंपनियों को बिना अनुबंध के 300 से कम कर्मचारियों को रोजगार देने की इजाजत देगी. इसका मतलब क्या हुआ?

इसका मतलब यह हुआ कि आपके बच्चे कंपनियों में गुलाम की तरह काम करेंगे और चूंकि उनके साथ कंपनी का कोई वैधानिक अनुबंध नहीं हुआ है, तो कोई श्रम कानून लागू नहीं होगा.

adv

आपके बच्चों को कभी भी नौकरी से निकाल दिया जाएगा. यानी हायर एंड फायर. इसका मतलब यह हुआ कि आपके बच्चों की हालत पढ़ने-लिखने के बाद भी सड़क पर बैठने वाले दिहाड़ी मजदूर के बराबर हो जाएगी.

अब सरकारी नौकरी तो बची नहीं. मोदी सरकार एक-एक करके सरकारी कंपनियों को बेचती जा रही है. आपका बच्चा तो अब प्राइवेट की ही गुलामी करेगा.

जब नौकरी नहीं, जेब में पैसा नहीं, कोई भविष्य नहीं- तो व्यक्ति क्या करता है? फंदे पर झूल जाता है. जयपुर में एक परिवार के 4 लोगों ने खुदकुशी की है.

सेंटर फॉर मेंटल हेल्थ के डायरेक्टर और मेरे हमनाम डॉ. सौमित्र पाथे ने केवल अंग्रेजी दैनिक अखबारों में छपी खबरों के हवाले से कोविड महामारी के दौरान खुदकुशी के 140 मामले और आत्महत्या के प्रयास के 24 कहानियों को दर्ज किया है.

ऐसे में अगर आप समझते हैं कि आने वाले वक्त में आपके बच्चे अच्छा नौकरी हासिल कर पायेंगे, तो आप गलतफहमी में हैं. आप आने वाले भयानक दिनों के बारे में ना सोंचे, इसलिये ही तो मेन स्ट्रीम मीडिया आपको कभी पाकिस्तान, कभी रिया चक्रवर्ती, तो कभी कंगना में फंसा कर रखी हुई है.

डिस्क्लेमर: ये लेखक के निजी विचार हैं.

advt
Advertisement

Related Articles

Back to top button