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जाने इन पंद्रह दुर्दांत नक्सलियों और उग्रवादियों को जो NIA के रडार से भी है बाहर

Ranchi : राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) के रडार पर झारखंड के 15 दुर्दांत नक्सली उग्रवादी फरार है. टेरर फंडिंग मामले सहित अलग-अलग अनेक वारदातों में शामिल इन नक्सलियों की एनआइए द्वारा तलाश की जा रही है. एनआइए राज्य में टेरर फंडिग से संबंधित कई मामलों की जांच कर रही है. भाकपा माओवादी, टीएसपीसी और पीएलएफआइ के फरार कई नक्सली और उग्रवादी पर एनआइए इनाम घोषित कर रखा है. एनआइए को अब इन फरार नक्सलियों की तलाश है. झारखंड में दशहत का नेटवर्क फैलाने वाले पीएलएफआई सुप्रीमों दिनेश गोप और अनल उर्फ पतिराम मांझी जैसे दुर्दात नक्सली सहित दर्जनों एनआईए की रडार पर है. हालांकि कई फरार घोषित नक्सली उग्रवादी सक्रिय हैं.

NIA के नेटवर्क से ये नक्सली है बाहर

झारखंड के कई नक्सली एनआईए के नेटवर्क से बाहर है, जिसकी तलाश की जा रही है. इन नक्सलियों में प्रयाग मांझी उर्फ विवेक जी उर्फ विवेक दा उर्फ करण दा उर्फ पूच्चू उर्फ लेतरा, लक्षमण कोरम, अनल दा उर्फ तुफान उर्फ पतिराम मांझी उर्फ पतिराम मराण्डी उर्फ रमेश, गुरुवा मुंडा, गोपाल सिंह भोक्ता उर्फ ब्रजेश गंझू, बिरजू गंझू, दिनेश गोप, आक्रमण उर्फ रविद्र गंझू, रामदयाल महतो उर्फ बच्चन दा, अजय महतो उर्फ मोची, चंचल उर्फ निर्भय कृष्णा दा उर्फ सौरभ, शनिचर हेम्ब्रम और नागेश्वर गंझू का नाम शामिल है. इन फरार नक्सली में सेट्रल कमेटी सदस्य पतिराम मांझी उर्फ अनल और पीएलएफआई सुप्रीमों दिनेश गोप जैसे दुर्दात पर पांच लाख का इनाम घोषित है. रामदयाल महतो और अजय महतो पर तीन लाख, कृष्णा दा और चंचल पर दो लाख और शनिचर हेंब्रम पर 50 हजार रुपये का इनाम रखा है. टीएसपीसी के ब्रजेश गंझू पर पांच और आक्रमण गंझू पर तीन लाख रुपये का इनाम रखा गया है.

अंडरग्राउंड पीएलएफआई सुप्रीमों दिनेश गोप नये तेवर में करता है वापसी

पीएलएफआई सुप्रीमों दिनेश गोप 2004 से सक्रिय है. खुंटी जिले के कर्रा थाना क्षेत्र के लापा मोरहाटोली के रहने वाले दिनेश गोप को पकड़ने की पुरजोर कोशिश की जाती है. लेकिन फरार हो जाता है. राज्य सरकार ने दिनेश गोप पर 25 लाख इनाम घोषित कर रखा है. एनआईए पांच लाख रुपए का इनाम घोषित किया है. दबिश के बाद कुछ दिनों के लिये अंडरग्राउंड हो जाता है. फिर नए तेवर में दोबारा से वापस आता है. एनआईए और रांची पुलिस के अलावा रांची के सीमावर्ती आधा दर्जन जिलों की पुलिस को दिनेश गोप की तलाश तो है, लेकिन कोई सुराग नही मिल पाता है.

कोल्हान इलाके में नक्सलियों के रणनितिकार है अनल

पश्चिमी सिंहभूम के सारंडा क्षेत्र में अनल दा उर्फ तूफान उर्फ पतिराम मांझी उर्फ पतिराम मरांडी उर्फ रमेश के नाम से जाना जाता है. भाकपा माओवादी के सेट्रल कमेटी सदस्य अनल दा पर झारखंड सरकार ने एक करोड़ का इनाम घोषित कर रखा है. जबकि एनआईए ने पांच लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा है. गिरिडीह जिले के पीरटांड़ थाना क्षेत्र के झरहाबाले निवासी पतिराम मांझी कोल्हान के इलाके में नक्सलियों का असली रणनीतिकार है.

कोयल-शंख जोन का कमांडर है छोटू खेरवार

15 लाख का इनामी नक्सली छोटू खेरवार उर्फ सुजीत उर्फ बिरजू सिंह कोयल-शंख जोन का कमांडर है. लतेहार जिले के हेरहंज थाना क्षेत्र के सिकिद गांव निवासी छोटू खेरवार पर 77 मामले दर्ज हैं. बीते फरवरी में लातेहार के बुलबुल जंगल में हुए पुलिस नक्सली मुठभेड़ में छोटू खेरवार भी शामिल रहे था. एनआईए बुलबुल जंगल में हुए मुठभेड़ मामले की जांच कर रही है. अभियान के दौरान पुलिस भारी मात्रा में हथियार बरामद किया था.

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