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पेट्रोल-डीजल महंगा होने से साथ जानें सरकार के पांच फैसले, जिससे भरेगा सरकारी खजाना, कैबिनेट की लगी मुहर

Ranchi: कोरोना संकट के दौरान आर्थिक मंदी को देखते हुए हेमंत सरकार राजस्व बढ़ोतरी के लिए कई कदम उठा रही है. उसी क्रम में बुधवार को कैबिनेट की बैठक में सरकार ने ऐसे पांच फैसले लिए हैं, जिससे सरकार का राजस्व बढ़ेगा. सरकार की तरफ से 25 एजेंडों पर कैबिनेट की मुहर लगी. सरकार के दो फैसलों से आम जनता की भी जेब पर असर पड़ने वाला है. इसमें सबसे अहम पेंट्रोल और डीजल की कीमतो में बढ़ोतरी है.

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वहीं सरकार अब सबसे प्रोफेसनल टेक्स की वसूली करेगी. इससे पहले सरकार सिर्फ नौकरी पेशा लोगों से टैक्स वसूलती थी. कैबिनेट के फैसलों से सबसे ज्यादा असर झारखंड में खनन करने वाली कंपनियों पर पड़ने वाला है. जिसमें सीसीएल, बीसीसीएल जैसी तमाम कोल कंपनियां हैं. जानें कैबिनेट से सही फैसलों को-

  1. वैश्विक बाजार में लगातार क्रुड ऑयल की कीमतों में गिरावट को देखते हुए झारखंड सरकार ने पेट्रोल और डीजल की वैट पर बढ़ोतरी का फैसला लिया है. पहले सरकार डीजल पर 8.37 रुपये वैट वसूलती थी. जो अब बढ़कर 12.50 रुपए हो जाएगा. वहीं पेट्रोल पर 15 रुपये से वैट बढ़कर 17 रुपये कर दिया गया है. झारखंड में जहां डीजल की कीमत 66.07 रुपये थी, वो बढ़कर 66.83 रुपये हो जाएगा. वहीं पेट्रोल 71.24 रुपये से बढ़कर 73.24 रुपये हो जाएगा. अभी बिहार में डीजल की कीमत 68.83 रुपये और पेट्रोल की कीमत 76.24 रुपये है. ओडिशा में डीजल 67.69 तो पेट्रोल 71.57 रुपये है. पश्चिम बंगाल में डीजल 65.62 और पेट्रोल 73.30 रुपये है. छत्तीसगढ़ में डीजल 67.56 और पेट्रोल 70.40 रुपये है.
  2. सरकार ने एविएशन सेक्ट के फ्यूल की कीमतों में इजाफा किया है. सरकार ने 4 फीसदी वैट को बढ़ाकर 20 फीसदी कर दिया है. बिहार में वैट 29 फीसदी, प. बंगाल में 45 फीसदी, ओडिशा में पांच, छत्तीसगढ़ में चार, दिल्ली में 25 और यूपी में 21 फीसदी है.
  3. सरकार ने कैबिनेट में फैसला लिया है कि वैसे सभी लोग जो पांच लाख से ज्यादा का सालाना कारोबार करते हैं, उन्हें प्रोफेसनल टैक्स देना होगा. 5-10 लाख पर 1000 रुपए सालाना. 10-25 लाख पर 1500 रुपए सालाना. 25-40 लाख पर 2000 सालाना और 40 लाख से ज्यादा के टर्नओवर पर 2500 रुपए सालाना टैक्स देना होगा. इस टैक्स से सरकार को सालाना 30 करोड़ रुपए की राजस्व प्राप्ति होगी.
  4. झारखंड राज्य में खनन करने वाली कंपनियों को अब वैश्विक महामारी कोविड-19 टैक्स देना होगा. कोयला खनन का काम करने वाली कंपनियों को 10 रुपये प्रति एमटी (मीट्रिक टन) सेस देना होगा. लोह अयस्क पर पांच रुपये प्रति एमटी, बोक्साइड पर 20 रुपए, लाइम स्टोन पर 10 रुपए प्रति एमटी और मैंग्नीजस पर पांच रुपए प्रति एमटी के हिसाब से सेस देना होगा.
  5. झारखंड राज्य में खनन करने वाली कंपनियों पर एक और टैक्स सरकार की तरफ से लगाया गया है. अब खनन कार्य करने के लिए फॉरेस्ट क्लीरियंस के एवज में सरकार कंपनियों से टैक्स वसूलेगी. ग्रेनाइड, मार्बल, गिट्टी, पत्थर, बालू, मोरम और मिट्टी की खुदाई पर कंपनियों को 35 रुपए प्रति एमटी टैक्स देना होगा. वहीं बाकी किसी तरह की खुदाई के फॉरेस्ट क्लीरियंस के लिए 57 रुपए प्रति एमटी का टैक्स सरकार की तरफ से तय किया गया है.
  6. झारखंड राज्य में शराब की होम डिलवरी नहीं होगी. साथ ही खुदरा शराब दुकानों पर बढ़ायी गयी 10 फिसदी एक्साइज ड्यूटी भी सरकार की तरफ से माफ कर दी गयी है.
  7. पथ निर्माण विभाग को 20 परियोजनाओं के लिए नाबार्ड से 53 करोड़ रुपए लोन लेने की स्वीकृति मिली है.
  8. वहीं पेयजल एवं स्वच्छता विभाग को भी नाबार्ड से 92 करोड़ लोन लेने की स्वीकृति मिली है.
  9. अब घर बैठे ही रजिस्ट्री के लिए लगने वाले स्टॉप का भुगतान हो सकता है. भुगतान ऑनलाइन डिबेट-क्रेडिट कार्ड, नेट बैंकिंग या ई-चालान के जरिए किया जा सकता है.
  10. झारखंड राज्य अंतर्गत कोर्ट फी के ई-स्टांपिंग के लिए मनोनयन के आधार पर “स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड” कंपनी को स्वीकृति दी गई है.
  11. डॉ जावेद रेहान, चिकित्सा पदाधिकारी, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, कुड़ु, लोहरदगा को सेवा से बर्खास्त करने की स्वीकृति दी गई.
  12. राज्य के तीन नए दुमका, हजारीबाग और पलामू के मेडिकल कॉलेज में कोविड-19 की जांच के लिए विशेष प्रयोगशाला स्थापित होगा. इस काम के लिए प्रेझा फाउंडेशन के साथ सरकार ने एमओयू किया है.
  13. कोरोना संकट काल में राज्य से बाहर फंसे लोगों को सुरक्षित उनके घर पहुंचाने तक के लिए निमित्त झारखंड राज्य आकस्मिकता निधि से कुल 20 करोड़ रुपए निकालने की स्वीकृति दी गई.
  14. मनरेगा योजनाओं को बेहतर रूप से क्रियान्वित करने के उद्देश्य से Bharat Rural Livelihood Faundation (BRLF) एवं ग्रामीण विकास विभाग के मध्य MoU हुआ.

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