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जानिये गीतकार जावेद अख्तर ने अपने किस मल्टीटेलेंटेड दोस्त के नाम पर रखा था बेटे का नाम

जन्मदिन पर विशेष

Naveen Sharma

आज गीतकार जावेद अख्तर और लेखिका हनी ईरानी के बेटे फरहान अख्तर का जन्मदिन है. जावेद अख्तर ने एक इंटरव्यू में कहा था कि उन्होंने अपने बेटे का नाम फरहान अपने मल्टीटेलेंटेड दोस्त प्रो फरहान मुजीफ के नाम पर रखा था.

फरहान अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में फिजिक्स पढ़ाते थे. इसके अलावा वे अच्छा गिटार भी बजाते थे. वे बहुत अच्छे पेंटर भी थे. जावेद भी चाहते थे कि उनका बेटा भी प्रो फरहान की तरह बहुमुखी प्रतिभा संपन्न हो.

फरहान अख्तर ने अपने पिता की इस ख्वाहिश को बखूबी पूरा किया है. फरहान अभिनेता हैं, फिल्म निर्माता और निर्देशक भी हैं. वो फिल्मों की कहानी व डॉयलॉग भी लिखते हैं और तो और गीत भी गाते हैं.

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जीवन का सफर

फरहान का जन्म 9 जनवरी 1974 को बंबई में हुआ था. जुहू के मानिक जी कूपर स्कूल में स्कूली शिक्षा पायी और बाद में कामर्स में डिग्री के लिए एचआर कॉलेज में दाखिला लिया, हालांकि दूसरे साल उन्होंने उसे छोड़ दिया.

अभिनेत्री शबाना आज़मी उनकी सौतेली मां है. वे उर्दू कवि जां निसार अख्तर के पोते और बॉलीवुड की फ़िल्म निर्देशक और नृत्य कोरियोग्राफर फराह खान के चचेरे भाई हैं. उसकी बहन, जोया अख्तर भी फिल्म निर्देशक है. उनका विवाह हेयर स्टाइलिस्ट अधुना भावनी अख्तर के साथ हुआ, जो अपने भाई के साथ बी ब्लंट सैलून चलाती हैं. उनकी दो बेटियां-अकीरा और शाक्य हैं.

सिनेमाटोग्राफर मनमोहन सिंह के ट्रेनी के रूप में फिल्मी दुनिया में एंट्री

फरहान अख्तर ने अपना करियर 17 साल की उम्र में लम्हे (1991) फ़िल्म में सिनेमाटोग्राफर-निर्देशक मनमोहन सिंह के साथ प्रशिक्षु के रूप में शुरू किया था. 1997 में फ़िल्म हिमालय पुत्र (1997) में निर्देशक पंकज पराशर के सहायक के तौर पर काम किया. तीन साल के लिए एक टेलीविजन प्रोडक्शन हाउस में विभिन्न तरह के कार्य किए.

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दिल चाहता है जैसी लाजवाब फिल्म बनाई

2001 में आई फ़िल्म- दिल चाहता है के साथ फरहान ने हिंदी सिनेमा में लेखन और निर्देशन करियर की शुरुआत की. इसका निर्माण एक्सेल एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड (Excel Entertainment Pvt. Ltd) ने किया.

यह फिल्म निर्माण कंपनी 1999 में उन्होंने रितेश सिदवानी के साथ शुरू की थी. . यह फ़िल्म तीन दोस्तों (आमिर खान, सैफ अली खान और अक्षय खन्ना ) की कहानी है, जो हाल ही में कॉलेज से स्नातक डिग्री लेते हैं और फ़िल्म‍ प्यार और दोस्ती के इर्द-गिर्द घूमती है.

आमिर खान के नए लुक व अंदाज और शहरी युवाओं की भाषा में डॉयलॉग होने और एक अलग तरह की कहानी की वजह से ये फिल्म एक हिंदी सिनेमा में नयी बयार लेकर आई. इस फिल्म को समीक्षकों ने तो सराहा ही, व्यावसायिक कामयाबी भी मिली, खासकर युवाओं से जुड़ी होने के कारण युवा पीढ़ी में यह काफी लोकप्रिय हुई.

इस फ़िल्म को विभिन्न अवार्ड समारोहों में सर्वश्रेष्ठ पटकथा, निर्देशन और फ़िल्म सहित कई नामांकन मिले. फ़िल्म को सर्वश्रेष्ठ हिंदी फ़िल्म का उस साल का राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार मिला.

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ऋतिक रोशन और प्रीति जिंटा को लेकर लक्ष्य फिल्म बनायी

इसके बाद अख्तर ने ऋतिक रोशन और प्रीति जिंटा को लेकर लक्ष्य (2004) बनाई. जो उन लक्ष्यहीन नौजवानों के बारे में थी, जो आखिर में अपने लिए एक लक्ष्य तय करने में कामयाब होते हैं. हालांकि फ़िल्म ने बॉक्स ऑफिस पर कामयाबी हासिल नहीं की. इस बीच, उन्होंने गुरिंदर चड्ढा की 2004 की हॉलीवुड फ़िल्म ब्राइड एंड प्रिज्युडिस के लिए भी गीत लिखे.

अमिताभ की सुपरहिट फिल्म डॉन की रिमेक फिल्म बनाई

1978 की अमिताभ बच्चन की फ़िल्म डॉन का रीमेक डॉन – द चेज़ विगिंस अगेन बनाई. इसमें मुख्य भूमिका में शाहरुख खान थे. 20 अक्टूबर 2006 को रिलीज हुई फिल्म बॉक्स ऑफिस पर खूब कामयाब रही. इसने 50 करोड़ रुपए से अधिक का कारोबार किया. 2007 में उन्होंने कॉमेडी फ़िल्म हनीमून ट्रैवल्स प्राइवेट लिमिटेड का निर्माण किया, जिसने बाक्स ऑफिस पर काफी अच्छा प्रदर्शन किया.

2007 में उन्होंने HIV के कलंक और रोगी के प्रति परिवारवालों की सहानुभुति की जरूरत पर 12 मिनट की लघु फ़िल्म, पोजिटिव का निर्देशन किया. मुंबई में इसकी शूटिंग हुई और यह ‘एडस जागो रे'(AIDS Awake) की चार लघु फ़िल्मों की सिरीज का एक हिस्सा थी, जिसका निर्देशन मीरा नायर, संतोष सिवान, विशाल भारद्वाज और फरहान अख्तर ने किया.

यह सिरीज मीराबाई फ़िल्म्स, स्वयंसेवी संगठन आवाहन तथा बिल एंड मिलिंडा गेटस फाउंडेशन की संयुक्त पहल का नतीजा थी.इस फ़िल्म में बोमन ईरानी, शबाना आजमी और एक नए अभिनेता अर्जुन माथुर ने भुमिकाएं निभाईं.

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रॉक ऑन से अभिनय और गायन

2008 में, अख्तर ने रॉक ऑन!! से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की. इसमें इन्होंने रॉक बैंड के गायक की भूमिका अच्छी तरह से अदा की थी. रॉक स्टार जैसा हाव भाव व स्टाइल उनमें नज़र आई थी.

इस फ़िल्म को समीक्षकों ने तो सराहा ही, बॉक्स आफिस पर, खासकर महानगरों में यह उम्मीद से ज्यादा चली. वे निर्देशन के क्षेत्र में पहला कदम रखने वाली अपनी बहन जोया की फ़िल्म लक बाइ चांस में लीड पुरुष अभिनेता के रूप में दिखे. इसके बाद कार्तिक कॉलिंग कार्तिक, ध्रुव और गुलेल में भी दिखे.

भाग मिल्खा भाग में बेहतरीन अभिनय

फरहान की अभिनय प्रतिभा का सबसे शानदार नमूना हम राकेश ओमप्रकाश मेहरा के निर्देशन में बनी भाग मिल्खा भाग में देख सकते हैं. मशहूर एथलीट मिल्खा सिंह की बॉयोपिक में एथलीट की तरह की बॉडी बनाने के लिए भी फरहान ने मेहनत की थी.

फरहान इस किरदार को विश्वसनीय ढंग से पेश करने में सफल रहे. यह फिल्म अभी तक उनके द्वारा अभिनीत सबसे बेहतरीन फिल्म कही जा सकती है.

वह डांस रियलिटी शो नच बलिये (2005) के पहले सत्र में एक जज के रूप में टेलीविजन के कुछ शो और फेमिना मिस इंडिया (2002 में) में जज के रूप में दिखे. वे NDTV इमेजिन पर अपने शो ओए!, इट इज फ्राइडे टीवी शो मेजबान के भी रूप में दिखे थे.

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