न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

किसान क्रांति पदयात्राः दिल्ली पहुंच प्रदर्शनकारी किसानों ने खत्म किया मार्च

146

New Delhi: ‘किसान क्रांति पदयात्रा’ के तहत हरिद्वार से दिल्ली के लिये कूच करने वाले प्रदर्शनकारी किसानों ने बुधवार तड़के किसान घाट पर अपना मार्च समाप्त कर दिया. पुलिस ने बताया कि इससे पहले दिल्ली पुलिस ने मंगलवार की मध्य रात्रि के बाद बैरिकेड हटा दिया और किसान क्रांति पदयात्रा के दौरान रोके गए किसानों को दिल्ली में प्रवेश और किसान घाट की ओर जाने की अनुमति दे दी. किसान अपने ट्रैक्टरों और ट्रॉलियों पर सवार होकर राष्ट्रीय राजधानी में घुसे और किसान घाट की ओर बढ़े. वहां बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था.

इसे भी पढ़ेंःनावा पावर का 200 ट्रक कोयला बनारस भेज रही थी प्रणव नमन कंपनी, यूपी में पकड़े गये ट्रक

अपनी मांगों को लेकर आंदोलनरत थे किसान

कृषि ऋण माफी से लेकर ईंधन की कीमतों में कटौती समेत विभिन्न मांगों को लेकर हजारों किसानों ने मंगलवार को दिल्ली की तरफ कूच किया था. इससे दिल्ली की ओर आने वाली सड़कों पर यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ था. राष्ट्रीय राजधानी की ओर से आने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों पर किसानों का हुजूम उमड़ पड़ा था. वे पूर्वी उत्तर प्रदेश में गोंडा, बस्ती और गोरखपुर तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए थे.

इसे भी पढ़ें- पाकुड़ डीसी की PMO में शिकायत- डीसी के तानाशाही रवैये से विकास कार्य ठप, हो न्यायिक जांच

silk_park

पुलिस ने उत्तर प्रदेश से लगी दिल्ली की सीमा को सील कर दिया था. निषेधाज्ञा लगाते हुए पांच या उससे अधिक लोगों के एक जगह एकत्र होने, एंप्लीफायर, लाउडस्पीकरों और इस तरह के उपकरणों के इस्तेमाल पर रोक लगा दी गई थी. किसान क्रांति पदयात्रा 23 सितंबर को हरिद्वार में टिकैत घाट से शुरू हुई थी. इसमें उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से किसान शामिल हुए थे. किसान पैदल, बस और ट्रैक्टर ट्रॉली में सवार होकर पहुंचे थे.

भारतीय किसान यूनियन के नेतृत्व में किसानों की कर्ज माफी, चीनी मिलों के बकाये का भुगतान, फसलों की अधिक कीमत, खेती के लिये मुफ्त बिजली और डीजल की कीमतों में कटौती समेत कई मांगों को लेकर मार्च किया गया था.

इसे भी पढ़ेंःपाकुड़ में मनरेगा घोटाला : शिबू सोरने के नाम पर 1,08,864 रुपये की अवैध निकासी

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Comments are closed.

%d bloggers like this: