JharkhandRanchi

 गुरुनानक स्कूल के 50 वें स्थापना दिवस पर कीर्तन का आयोजन, श्रद्धालुओं ने टेका माथा

Ranchi : राजधानी रांची स्थित गुरुनानक स्कूल परिसर में स्कूल का 50वां स्थापना दिवस रविवार को धूमधाम से मनाया गया. इस उपलक्ष्य में गुरुनानक स्कूल प्रबंधक के तरफ से कीर्तन समागम और भव्य लंगर का आयोजन किया गया.  इस मौके पर सिख समुदाय सहित विभिन्न धर्मावलंबियों ने गुरुनानक जी के सम्मान में आयोजित भजन-कीर्तन में माथा टेक कर दुआ मांगी और उनका आर्शीवाद लिया. रविवार सुबह से शाम तक स्कूल परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही. कीर्तन करने के लिए लुधियाना से देवेंद्रर सिंह जी सोढ़ी, श्रीनगर वाले मनिंदर सिंह जी, पटियाला से जशकरन सिंह जी उपस्थित हुए. इन लोगों ने अपने सुंदर कीर्तन से उपस्थित श्रद्धालुओं को गुरु जी के वचनों से अवगत कराया.

इसे भी पढ़ेंः श्री श्याम महोत्सव : 251 महिलाओं ने किया सुंदरकांड पाठ, भजनों पर झूमे भक्त

स्कूल प्रबंधक ने किया कीर्तन का आयोजन

गुरूनानक स्कूल प्रबंधक के वाइस प्रेसिडेंट ज्योति सिंह मथारू ने न्यूज विंग संवाददाता को स्थापना दिवस की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि गुरूनानक स्कूल स्थापना के 50वें वर्षगांठ के अवसर पर रविवार को स्कूल परिसर में गुरूजी महाराज के सम्मान में कीर्तन समारोह का आयोजन गुरूनानक स्कूल प्रबंधक की तरफ से किया गया. इस अवसर पर स्कूल प्रबंधक से जुड़े गुरूनानक हॉस्पिटल रिसर्च सेंटर के सभी सदस्य, कमड़े स्थित गुरु गोविंद सिंह एजुकेशन ट्रस्ट के सदस्य सहित  अऩ्य ने उपस्थित होकर अपनी भागीदारी निभायी. इस उपलक्ष्य में स्कूल परिसर में एक लंगर का आयोजन किया गया. 

इसे भी पढ़ेंःन्यूज विंग इंपैक्ट : निजी प्रैक्टिस करने वाले सरकारी डॉक्टरों पर कसेगा शिकंंजा

गुरु  की शिक्षा पहुंचाना है लक्ष्य

 सिख समुदाय से जुड़े लोगों का यह सोच हैं कि गुरु की शिक्षा को आम लोगों तक पहुंचाया जाये. इसी शिक्षा को फैलाने के लिए स्थापना दिवस के अवसर पर भजन-कीर्तन का आयोजन किया. कीर्तन सुनने के लिए सिख समुदाय सहित विभिन्न धर्मों के लोग मौके पर उपस्थित थे. कीर्तन कार्य सफल बनाने के लिए लुधियाना से देवेंद्र सिंह जी सोढी, श्रीनगर वाले मनिंदर सिंह जी, पटियाला वाले जशकरन सिंह ने अपनी उपस्थिति दर्ज करायी. स्थापना दिवस के अवसर पर धनबाद, जमशेदपुर, कोडरमा, रामगढ़, हजारीबाग सहित राज्य के विभिन्न जगहों से श्रद्धालुओं उपस्थित हुए.  

 चार कमरों से शुरू हुआ था स्कूल, आज बना वृक्ष

 स्कूल की नींव वर्ष 1965 में रखी गयी थी. वर्ष 1968 में स्कूल में अध्ययन कार्य की शुरूआत हुई. इसकी नींव संत शिरोमणि 105 संत निचरसिंह जी महाराज द्वारा ऱखी गयी थी. स्कूल की शुरूआत एक पौधे के रूप में चार कमरों के साथ की गयी थी. आज यह स्कूल एक वृक्ष का रूप ले चुका है. वर्तमान में सभी धर्मों और जाति के लिए शिक्षा ग्रहण कर रहे है. इसके अलावे बच्चों को यहां धार्मिक शिक्षा भी दी जाती है, ताकि वे सिख धर्म से जुडे संस्कारों को ग्रहण कर सकें.

Related Articles

Back to top button