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खूंटी : बाल कल्याण समिति द्वारा बचाये गये 22 बच्चों में से तीन की मौत

सहयोग विलेज के प्रभारी जसविंद्र सिंह ने फोन पर इस बात की जानकारी दी.

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Khunti: राज्य के खूंटी जिले में स्थित शिशु देखरेख केन्द्र सहयोग विलेज एवं निर्मल हृदय के शिशु भवन के तीन शिशुओं की कुपोषण एवं कम वजन के चलते पिछले दस दिनों में विभिन्न अस्पतालों में मौत हो गयी.

सहयोग विलेज के प्रभारी जसविंद्र सिंह ने फोन पर इस बात की जानकारी दी और कहा कि शिशु भवन के दो एवं सहयोग विलेज के पांच अन्य बच्चे रांची के चाइल्ड केयर अस्पताल में भर्ती कराये गये थे जो स्वस्थ हैं लेकिन सावधानी के तौर पर हमने उन्हें अभी अस्पताल में ही रखने का फैसला किया है.

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दो बच्चों की मौत खूंटी के सदर अस्पताल में

उन्होंने बताया कि तीन मौतों में से दो बच्चों की मौत खूंटी के सदर अस्पताल एवं एक निजी अस्पताल में 19 अगस्त को हुई थी एवं तीसरी बच्ची की मौत 24 अगस्त को हुई जिसे एक बिन ब्याही मां ने चार माह पहले छोड़ दिया था. सिंह ने बताया कि शिशु भवन से पिछले माह बच्चा बेचे जाने की घटना सामने आने के बाद 12 बच्चों को देखरेख के लिए सहयोग विलेज को दिया गया था जिनमें से एक बच्चे की कुपोषण से मृत्यु हुई है शेष 11 बच्चों में से सात को उनके माता-पिता को दे दिया गया था जबकि चार अन्य सहयोग विलेज की देखरेख में हैं.

रांची के बाल कल्याण समिति ने निर्मल हृदय के बालगृह से 22 बच्चों को बचाया था, जिनमें से 12 सहयोग विलेज को देखरेख के लिए दिये गये थे. सिंह ने बताया कि बच्चों का वजन पहले से ही कम था और उन्हें बचाने की भरसक कोशिश की गयी लेकिन इसके बावजूद तीन बच्चों को नहीं बचाया जा सका और उनकी मौत हो गयी.

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कुपोषण के कारण बच्चों की मौत

6 माह और दूसरा सात महीने के बच्चों की मौत बिते रविवार को सदर अस्पताल में हो गई भी. पहली नजर में कुपोषण के कारण बच्चों की मौत हुई प्रतित हो रहा था. हालांकि जिला बाल कल्याण समिति का कहना है कि जब बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, तब इसकी जानकारी उन्हें नहीं दी गई थी.

मिशनरीज ऑफ चैरिटी के निर्मल हृदय में बच्चा बेचने का मामला प्रकाश में आने के बाद सहयोग नाम के एनजीओ द्वारा संचालित खूंटी के बालगृह में 12 बच्चों को रांची से शिफ्ट कराया गया था. सम्बंधित अधिकारियों का कहना है कि जांच में किसी तरह की लापरवाही दिखाई देने के बाद एनजीओ के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

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