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खूंटी के घाघरा में बिरसा मुंडा को मारी गई थी गोली, परिजनों ने कहा-दो दिन बाद मिला फूला हुआ शव

27 जून को खूंटी के घाघरा में बिरसा मुंडा की मौत गोली लगने से ही हुई थी

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Ranchi: खूंटी के घाघरा गांव में 27 जून को पुलिस और ग्रामीणों के बीच हुई झड़प में एक युवक बिरसा मुंडा की मौत हुई थी. पुलिस ने कड़िया मुंडा के अपहृत गार्डों को छुड़ाने की के दौरान ये अभियान चलाया था. अब इस मामले पर बिरसा मुंडा के परिजन खुलकर सामने आ गए हैं. परिजनों का कहना है कि बिरसा मुंडा की मौत गोली लगने से ही हुई थी और उसे पीछे से गोली मारी गई.


पीछे से मारी गोली, दो दिनों तक पुलिस ने शव रखा अपने पास- परिजन
बिरसा मुंडा के परिवार की महिला सदस्य सुकरु टुटी ने बताया कि बिरसा को पीछे से गोली मारी गई थी. उसके शव के सामने की तरफ सिर्फ चोट के निशान थे और शरीर के पीछे गोली लगने का निशान था. सुकरू टुटी मृतक बिरसा मुंडा के छोटे भाई की पत्नी है. उसने बताया कि कि शव दो दिनों तक पुलिस के कब्जे में थी. इस दौरान वह बुरी तरह फूल गया था और सड़ने जैसा महक रहा था. उन्होंने बताया कि उन्हें इस घटना की जानकारी सबसे पहले मोबाईल में समाचार के जरिए मिला था. उसके बाद वे खूंटी थाना गये. थाने में पुलिस ने शव की शिनाख्त कराया. उसके बाद वे उसे रांची ले गये. इस पूरी प्रक्रिया में दो दिन लग गये और शव बुरी तरह के फूल चुका था.

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दो दिन बाद आधी रात को चामडीह लाया गया शव
बिरसा मुंडा का शव दो दिन बाद 29 जून 2018 को आधी रात को उसके गांव चामडीह लाया गया. मृतक के परिजन ने बताया कि जब बिरसा को गांव लाये तो पुलिस की टीम भी साथ थी और गांव पहुंचने के बाद रातों रात शव को दफन किया गया. शव का क्रियाक्रम पूरा होने के बाद भी पुलिस आधी रात के बाद गांव से गई. ग्रामीणों ने बताया कि बिरसा के शव को लाने से पहले ही सूचना दे दी गई थी. इसलिए उन्होने पहले ही अंतिम क्रिया की तैयारी कर ली थी.

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बेंगलुरु में रहता था बिरसा मुंडा, खेती करने 2 महीने पहले ही आया था गांव
चामडीह गांव के ग्रामीणों ने बताया कि बिरसा मुंडा बेंगलुरु में रहकर काम धंधा करता था. इधर वह खेती बारी करने के मकसद से पिछले 2 महीने पहले ही गांव आया था. ग्रामीणों में इस घटना के बाद दहशत है. कोई भी ग्रामीण इस मामले में कुछ कहना नहीं चहता है. जानकारी के अनुसार गांव से जुडने वाले मुख्य पथ पर घटना के बाद पुलिस की गश्ती बढ़ा दी गई है.

क्या है पूरा मामला
खूंटी में सांसद कड़िया मुंडा के घर से चार हाउस गार्ड को अगवा करने की घटना 26 जून को हुई थी. 27 जून को बरुडीह के घाघरा में करीब 1500 ग्रामीण जुटे थे. ग्रामीण पत्थलगड़ी करने के लिए जुटे थे. इस दौरान पुलिस और ग्रामीणों के बीच वार्ता हुई. लेकिन कोई हल नहीं निकला. सुबह के करीब 8.15 बजे पुलिस और ग्रामीणों के बीच झड़प हुई. झड़प के बाद एक व्यक्ति का शव वहां से बरामद किया गया. बरामद शव की पहचान खूंटी प्रखंड के चामडीह गांव निवासी स्व सुखराम मुंडा के पुत्र बिरसा मुंडा के रुप में हुई. शव का पोस्टमार्टम रिम्स में कराया गया.

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