न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

प. बंगालः आठवीं के इतिहास की किताब में खुदीराम बोस को बताया आतंकी!

389

Kolkata: पश्चिम बंगाल राज्य शिक्षा विभाग की लापरवाही का आलम यह है कि खुदीराम बोस जैसे अमर क्रांतिकारी को आतंकवादी बना दिया गया है. राज्य सरकार की आठवीं की इतिहास की किताब में खुदीराम बोस को आतंकवादी बताया गया है. किताब का एक स्नैपशॉट फेसबुक, ट्विटर और अन्य सोशल साइट पर साझा किया जा रहा है. इसको लेकर माध्यमिक शिक्षा परिषद के वरिष्ठ अधिकारियों ने चुप्पी साध रखी है.

इसे भी पढ़ें – मालेगांव ब्लास्टः सांसद प्रज्ञा के नाम से रजिस्टर्ड बाइक को पंचनामा करनेवाले गवाह ने पहचाना

Aqua Spa Salon 5/02/2020

जांच के लिए कमेटी का गठन

इसकी जांच के लिए राज्य सरकार ने इतिहासकार जीवन मुखर्जी के नेतृत्व में एक कमेटी गठित की है. इसमें हिंदू स्कूल और हेयर स्कूल के प्रधान शिक्षकों को रखा गया है. इसके अलावा शिक्षाविद् पवित्र सरकार भी इस कमेटी का हिस्सा हैं. यह टीम पूरी किताब की समीक्षा करेगी और गलतियों को सुधार कर नये सिरे से प्रकाशन की अनुशंसा भी की जायेगी. मुख्य रूप से तीन बिंदुओं पर यह कमेटी काम करेगी. पहला पाठ्यक्रम में इस्तेमाल की गयी भाषा सहज और समझ में आने लायक है कि नहीं. दूसरा पांचवीं श्रेणी से लेकर 12वीं तक कई नये पाठ्यक्रमों को शामिल किया गया है. इसमें सिंगूर आंदोलन से लेकर कई अन्य ऐसे आंदोलनों को शामिल किया गया है, जिसकी अगुआ ममता बनर्जी रही हैं. उस पाठ्यक्रम के तथ्यों की भी समीक्षा की जायेगी। इसके साथ आठवीं श्रेणी की इतिहास की किताब में खुदीराम बोस को आतंकवादी के तौर पर चिन्हित किया गया है. उसे भी सुधारने का उपाय तलाशा जायेगा.

इसे भी पढ़ें- देशभर में CBI की रेडः झारखंड के पांच शहरों में छापेमारी, रांची के तीन ठिकानों पर छापा

क्या कहा किताब के लेखक ने

इतिहास की इस किताब को तैयार करनेवाले शिक्षक निर्मल बनर्जी से मंगलवार को जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि ब्रिटिश सरकार ने खुदीराम बोस को आतंकवादी कहा था. मैंने उसी तथ्य को लिखा है. मैं इतिहास से छेड़छाड़ नहीं कर सकता. उन्होंने कहा कि यह पढ़ानेवाले शिक्षकों का काम है कि बच्चों को आतंकवादियों और क्रांतिकारियों में अंतर समझायें. राज्य शिक्षा विभाग का कहना है कि शिक्षा वर्ष 2020 से पहले इस भूल को सुधार पाना संभव नहीं हो सकेगा.

उल्लेखनीय है कि इसके पहले फ्लाइंग सिख के नाम से विख्यात मिल्खा सिंह की जगह एक फिल्म में उनका किरदार निभानेवाले अभिनेता को ही किताब में मिल्खा सिंह बता दिया गया था. हालांकि, वह प्राइवेट किताब थी. इसके अलावा कई अन्य क्रांतिकारियों को भी इसी तरह से आतंकवादी के तौर पर स्कूलों की किताबों में चिन्हित किया गया है. आरोप लगता रहा है कि इतिहास लिखनेवाले वामपंथी इतिहासकारों ने क्रांतिकारियों को अपमानित करने के लिए सोची-समझी साजिश के तहत इतिहास में आजादी के नायकों को गलत तरीके से परिभाषित किया है.

इसे भी पढ़ें – गुजरात में पिछले 5 साल के दौरान सरकारी नौकरी देने के मामले में 85 फीसदी की गिरावट

Gupta Jewellers 20-02 to 25-02

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like