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JSSC स्नातक स्तरीय परीक्षा में खोरठा का सिलेबस बदला, नया सिलेबस जारी करने के लिए आयोग कर रहा कार्मिक के पत्र का इंतजार

RAHUL GURU

Ranchi : झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की ओर से स्नातक स्तरीय परीक्षा का विज्ञापन जारी किया गया है. इस परीक्षा के लिए जारी जनजातीय और क्षेत्रीय भाषा में से खोरठा के सिलेबस को बदल दिया गया है. संशोधित सिलेबस कार्मिक विभाग की ओर से झारखंड कर्मचारी चयन आयोग को भेज भी दिया गया है लेकिन आयोग संशोधित सिलेबस को अब तक जारी नहीं कर रहा है. पुख्ता सूत्रों के मुताबिक झारखंड कर्मचारी चयन आयोग अब भी कार्मिक से पूछ रहा है कि सिलेबस को जारी किया जाए या नहीं.

क्या है सिलेबस में संशोधन की कहानी

झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की ओर से जारी विज्ञापन और सिलेबस में खोरठा भाषा के सिलेबस को लेकर विवाद चल रहा था. ऐसा कहा जा रहा था कि दूसरी जनजातीय और क्षेत्रीय भाषा के सिलेबस के मुकाबले खोरठा का सिलेबस बैलेंस्ड नहीं है. इसे लेकर उम्मीदवारों ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग में अपनी बात रखी. इसके बाद आयोग ने कार्मिक को पत्र लिख कर इससे अवगत कराया. कार्मिक विभाग ने डॉ राम दयाल मुंडा ट्राइबल रिसर्च इंस्टीट्यूट को संशोधित सिलेबस बनाने को कहा. डॉ राम दयाल मुंडा ट्राइबल रिसर्च इंस्टीट्यूट ने संशोधित सिलेबस 28 दिसंबर 2021 को कार्मिक को भेज दिया. इसके बाद 11 जनवरी को कार्मिक ने इस संसोधित सिलेबस को झारखंड कर्मचारी चयन आयोग को भेज दिया. इसके बाद भी आयोग अब तक सिलेबस को जारी नहीं किया है.

जानिए, क्यों हैं ऊहापोह में उम्मीदवार

दरअसल 15 जनवरी से स्नातक स्तरीय परीक्षा के लिए आवेदन देने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. इसके आवेदन में ही उम्मीदवार को अपने क्षेत्रीय भाषा का चयन करना है. अब जब सिलेबस बदलने की चर्चा हो रही है तो उम्मीदवार संशोधित सिलेबस की जानकारी न हो पाने की वजह से ऊहापोह में हैं. उम्मीदवारों का कहना है कि जब आयोग को खोरठा का सिलेबस बदलना ही था तो आवेदन शुरू करने की तिथि से पहले इस बात की जानकारी उम्मीदवारों को दे दी जाती.

 

ऐसा है सीजीएल का संशोधित सिलेबस

संशोधित पाठ्यक्रम

  1. गद्य साहित्य

(क) छाँहइर (कहानी संग्रह) लेखक चितरंजन महतो ‘चित्रा’

केवल कहानी संख्या 1. छाँहर 2. बोनेक लोर 3. हाम कसें जीयब

(ख) सोध माटी (कहानी संग्रह) लेखक डॉ बिनोद कुमार

केवल कहानी भाग से तीन कहानी 1. उबार, 2. ओद दीदा, 3. हूब

(ग) खोरठा निबंध (निबंध संग्रह) लेखक डॉ बी एन ओहदार

केवल तीन निबंध 1. सोबटाय चले है 2. हामिन के संस्कृति आर तकर उपर संकट 3. हामें खड़ा हों

(घ) अजगर (नाटक) लेखक विश्वनाथ धसौंधी ‘राज’

 

  1. पद्य साहित्य

(क) दामुदरेक कोरात्र (खंड काव्य) कवि: शिवनाथ प्रमाणिक

केवल दो सर्ग 1. मेला 2. सरंची कमल

(ख) आँखीक गीत (कविता संग्रह) – कवि: श्रीनिवास पानुरी

केवल पांच कवितायें कविता संख्या 1, 10, 22, 33, 51

(ग) खोरठाक काठे पड़देक खड़ी कवि : एके झा

केवल कविता तीन कविताएं 1. चनफन मानुस 2. सवागत 3.लउतन जुगुत भाभय

  1. साहित्य की अन्य विधाएं : जीवनी, संस्मरण और यात्रावृतांत

(क) जीवनी शेख भिखारी, लेखक : पारस नाथ महतो

बड़का बुजरुक बिरसा, लेखक : एके झा

(ख) संस्मरण : बोरवा अड्डाक अखड़ बोर, लेखक: शांति भारत

उड़ड़ गेलइ फुलवा रइह गेलक बास; लेखक : गोविंद महतो जंगली

(ग) यात्रा वृत्तान्त दार्जीलिंग आर गंगतोकेक जातरा, लेखक : डॉ चतुर्भुज साहू

  1. व्याकरण एवं खोरठा पाठबोध

खोरठा संज्ञा, सर्वनाम, लिंग, वचन, काल, कारक, समास, उपसर्ग-प्रत्यय और अपठित गद्यांश से प्रश्न

  1. लोकसाहित्य

केवल प्रकीर्ण लोकसाहित्य से

खोरठा लोकोक्ति-मुहावरे और पहेलियां

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