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किसान आंदोलन से खतरे में खट्टर सरकार, PM मोदी से मिले दुष्यंत चौटाला

मंगलवार को अमित शाह से की थी मुलाकात

Uday Chandra

New Delhi: किसान आंदोलन को लेकर हरियाणा सरकार पर संकट बढ़ता नजर आ रहा है. चंडीगढ़ से लेकर दिल्ली तक इसे लेकर राजनीति तेज है. बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हरियाणा के डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला की अचानक हुई मुलाकात के बाद सियासत गरमा गयी है.

करीब घंटे भर चली बातचीत के बाद चौटाला बिना मीडिया से बात किये चंडीगढ़ रवाना हो गये. माना जा रहा है कि इस बैठक में कृषि कानून और किसानों को लेकर चर्चा के साथ गठबंधन की दरार पाटने पर भी चर्चा हुई.

इससे पहले मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और दुष्यंत चौटाला ने मंगलवार को गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी. चौटाला हरियाणा में भाजपा नीत सरकार में गठबंधन साझेदार जननायक जनता पार्टी (जजपा) के नेता हैं.

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ऐसा माना जा रहा है कि जजपा के कुछ विधायक प्रदर्शनकारी किसानों के दबाव में हैं. विशेष कर करनाल के कैमला में किसान महापंचायत से पहले किसानों पर हुए लाठीचार्ज से जजपा नाराज है.

इससे पहले सोमवार को इनेलो प्रमुख अभय चौटाला ने भी एक चिट्ठी लिख कर खट्टर सरकार का विरोध किया था और कहा था कि अगर 26 जनवरी तक किसानों की बात नहीं मानी जाती है तो उनकी इस चिट्ठी को ही इस्तीफा माना जाये. उसके बाद से ही हरियाणा में सियासी हलचल तेज है. अभय चौटाला ने अपने पत्र में कहा था कि वो ऐसी संवेदनहीन विधानसभा में नहीं रहना चाहते हैं.

अभय चौटाला दुष्यंत चौटाला के चाचा हैं. कांग्रेस पहले से ही खट्टर सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की मांग कर रही है. 90 सदस्यीय हरियाणा विधानसभा में भाजपा के पास 40 सीटें, जेजेपी के पास 10 और 5 स्वतंत्र विधायक हैं. भाजपा को राज्य में पूर्ण बहुमत हासिल नहीं हुआ और उसने जेजेपी की मदद से सरकार बनायी थी. कांग्रेस के पास 31 विधायक हैं.

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