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खंडौली डैम का जलस्तर 13 फीट घटा, ट्रीटमेंट प्लांट के कर्मी का दावा, पेयजलापूर्ति में कोई समस्या नहीं होगी

राहत की बात यह  है कि खंडौली डैम में अब भी पर्याप्त पानी है. जिसे शहर को आने वाले महीनों में वाटर सप्लाई में कोई परेशानी नहीं आने वाली

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Manoj kumar,  Pintu

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Giridih  : शहर की प्यास बुझाने वाले गिरिडीह के खंडौली डैम को भीषण गर्मी ने त्राहिमाम करने पर मजबूर दिया. त्राहिमाम इसलिए क्योंकि मई की गर्मी के कारण खंडौली का जलस्तर करीब 13 फीट घट चुका है. वैसे राहत की बात यह  है कि खंडौली डैम में अब भी पर्याप्त पानी है. जिसे शहर को आने वाले महीनों में वाटर सप्लाई में कोई परेशानी नहीं आने वाली है. इसका दावा खंडौली डैम के पुराने ट्रीटमेंट प्लांट के कर्मी मो हलीम ने करते हुए बताया कि अब भी अगले तीन-चार माह शहर में पेयजलापूर्ति की जा सकती है. क्योंकि 13 फीट जलस्तर घटने के बाद अब तक सिर्फ एक वाल्व ही बाहर निकला है जो हर साल गर्मी में बाहर निकलता है,

जबकि पानी खींचने के लिए डैम में अब भी तीन वाल्व लगे है. जो बेहद गहराई है. वैसे डैम में अभी 15 फीट की गहराई तक जलस्तर सुरक्षित है. लिहाजा, डैम से शहर को पहले की तरह पानी आपूर्ति करने में कोई समस्या नहीं होगी. 13 फीट जलस्तर घटने की बात सुनकर शहर के लोगों के साथ नगर निगम का होश उड़ना तय है. लेकिन निगम के साथ लोगों के लिए राहत की बात यह भी है कि डैम में अगले तीन-चार माह तक पेयजलापूर्ति की जा सकती है. हालांकि कर्मी मो हलीम ने यह भी कहा कि अगर पुराने ट्रीटमेंट प्लांट में बुशमोटर उपलब्ध होती है तो फिर पानी की कोई समस्या नहीं होगी. वैसे नये ट्रीटमेंट प्लांट में बुशमोटर लगे होने के कारण वाटर सप्लाई में कोई समस्या नहीं है.

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 डैम बनने के बाद अब तक एक बार भी डैम की सफाई नहीं

इधर खंडौली के जलस्तर दो और कारणों से भी घटा है. हर साल गर्मी में खंडौली का जलस्तर नीचे गिरता है. लेकिन इस साल जलस्तर कुछ अधिक ही गिरा है. जिन दो वजह के कारण जलस्तर घटा है उसमें पहला यह कि साल 1952 में खंडौली डैम बनने के बाद अब तक एक बार भी डैम की सफाई नहीं होना है, वहीं दूसरी वजह पिछले साल बारिश के दौरान डैम का फाटक खोल कर लाखों गैलन पानी बहा दिया गया. डैम के ट्रीटमेंट प्लांट के कर्मियों की मानें तो डैम का फाटक खोलने से कर्मियों ने नगर निगम के ठेकेदार को मना किया गया था.

क्योंकि शहर में वाटर सप्लाई का जिम्मा लेने वाली एजेंसी के ठेकेदार को कर्मियों ने मना करते हुए कहा भी था, कि इतना पानी बहाने से डैम का जलस्तर घट सकता है. इसके पीछे कर्मियों का तर्क था, कि बारिश के कारण डैम में पानी का कोई खास स्टोर नहीं हुआ है. जिसे डैम को नुकसान पहुंच सकें.  ठेकेदार ने कर्मियों पर केस करने की धमकी देकर फाटक बंद कराने से भी इंकार कर दिया. जिसका परिणाम गर्मी में घटता जलस्तर है.

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