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एकलव्य स्कूलों के बच्चों के लिए खादी का ड्रेस गांधी के सपनों की ओर एक कदम : गडकरी

New Delhi: पीएम नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत मिशन के तहत स्वदेशी उत्पादों को प्रोत्साहित करने की दिशा में जनजातीय मामलों के मंत्रालय ने पहल की है. मंगलवार को नयी दिल्ली में मंत्रालय और एमएसएमई मंत्रालय के बीच दो एमओयू हुए.

पहले एमओयू के मुताबिक देश भर में एकलव्य विद्यालयों में बच्चों को खादी का ड्रेस उपलब्ध कराया जायेगा. एकलव्य के बच्चों के यूनिफॉर्म की डिज़ाइन निफ्ट, दिल्ली ने तैयार की है.

दूसरा एमओयू प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) के लिए एक कार्यान्वयन एजेंसी के रूप में केवीआईसी के साथ जनजातीय कार्य मंत्रालय की भागीदारी के संबंध में है.

इस अवसर पर एमएसएमई मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि बच्चे इस देश का भविष्य हैं. केंद्र सरकार ने शिक्षा, खेल, कौशल विकास, पोषण या सर्वांगीण विकास की योजनाएं और सबका साथ, सबका विकास की अवधारणा को साकार करने का प्रयास किया है.

एकलव्य स्कूलों के बच्चों के लिये खादी का ड्रेस महात्मा गांधी के आदिवासी गांवों तक जाने का एक बढिया तरीका है. खादी ड्रेस के अलावे राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति वित्त विकास निगम (एनएसटीएफडीसी) को पीएमईजीपी योजना लागू करने के लिए एक भागीदार के रूप में तैयार किया जाना है.

यह निगम जनजातीय कार्य मंत्रालय की एक एजेंसी है जो देश में जनजातीय लोगों के आर्थिक विकास के लिए जिम्मेदार है. एमओयू से जनजातीय लोगों को विभिन्न उत्पादन गतिविधियों में शामिल किया जा सकेगा.

मौके पर राज्यमंत्री (एम.एस.एम.इ) प्रताप चंद्र सारंगी, जनजातीय मामलों के केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा और राज्य मंत्री रेणुका सिंह सरुता भी उपस्थित थीं.

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स्थानीय स्तर पर रोजगार का सृजन : मुंडा

केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने मौके पर कहा कि एमओयू से देशभर में खादी कारीगरों और जनजातीय आबादी के एक बड़े भाग को मजबूत करने में मदद मिलेगी. स्थानीय स्तर पर रोजगार का सृजन भी होगा.

एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों (ईएमआरएस) के माध्यम से जनजातीय शिक्षा के विकास पर काफी जोर दिया गया है. इन स्कूलों में छात्रों के लिए अब तक कोई मानकीकृत स्कूल यूनिफॉर्म डिजाइन नहीं था. नई दिल्ली के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (निफ्ट) ने इस ड्रेस को एक अलग लोगो और कलर स्कीम के साथ डिजाइन किया है.

मुंडा ने कहा कि दोनों एमओयू दोनों मंत्रालयों के बीच साझेदारी बढ़ायेगा. यह वोकल फ़ॉर लोकल और रोजगार को बढ़ावा देगा. जनजातीय कार्य मंत्रालय वर्ष 2020-21 में 14.77 करोड़ रुपये मूल्य के 6 लाख मीटर से अधिक खादी का कपड़ा खरीदेगा.

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