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युवा पीढ़ी का फर्ज है सिद्धो-कान्हो का अलख जलाये रखें : सुदेश

संताल दिवस के मौके पर भोगनाडीह पहुंची स्वाभिमान यात्रा

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Ranchi: युवा पीढ़ी का यह फर्ज है कि वे महान क्रांतिकारी सिद्धो-कान्हो के अलख को जलाये रखें. महान सपूतों के विचार स्थापित रखकर ही झारखंडी जनमानस को जिंदा रखा जा सकता है. ये बातें आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश कुमार महतो ने संताल दिवस के मौके पर स्वराज स्वाभिमान यात्रा के दौरान कही. सुदेश महतो शनिवार को भोगनाडीह पहुंचे थे. जहां उन्होंने सिद्धो-कान्हो के वंशजों से मुलाकात भी की. सुदेश महतो ने कहा कि संताल दिवस पर भोगनाडीह आना उनके लिए गौरव का क्षण है. मेरी यह कोशिश रहेगी कि इतिहास के  वीर सपूतों के वंशजों के साथ खड़ा रहूं. यहां की जनाकांक्षा के अनुरूप चलूं. कहा कि सिद्धो-कान्हो ने जो मशाल जलाई थी, उसे नई पीढ़ी सदैव जलाये रखे. इस काम में वे भी भागीदार बनेंगे. उन्होंने लोगों को स्वराज स्वाभिमान यात्रा का मकसद बताते हुए कहा कि इस यात्रा के जरिये वे विचारों के आदान-प्रदान को मजबूत बनाने की कोशिश में जुटे हैं. गांव-पंचायत के विषयों पर वैचारिक तालमेल होने से ही लोकतंत्र जिंदा रहेगा. सुदेश महतो ने कहा कि अबतक एक हजार गांवों की यात्रा पूरी कर ली गयी है. आगे और चार हजार गांव जाना है.

आम जनता को हाशिये पर छोड़ दिया गया है 

हिरणपुर के दलादली गांव की चौपाल में श्री महतो ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में अवाम को महज वोट का हिस्सेदार बनाकर हाशिये पर छोड़ दिया गया है. राजनीति में इस रिवाज को लेकर जो धूल जमी है. उसे हटाने के लिए गांव के लोगों को आगे आना होगा. नेताओं-अफसरों के मुंह पर हक अधिकार की बात करनी पड़ेगी. वे जहां भी जा रहे हैं इस के बदलाव के लिए जनमत तैयार कर रहे हैं. थोड़ा वक्त लग सकता है पर वह दिन दूर नहीं तरह जब यह बड़ी बहस का विषय होगा और वे अपने मकसद में सफल होंगे.

सिद्धो-कान्हो के वंशज ने बतायी पूरी कहानी 

सिद्धो-कान्हो के वंशज मंगल मुर्मू ने गांव के लोगों को अपने गोद लिए जाने और उच्च शिक्षा हासिल करने की पूरी कहानी बताई. उन्होंने बताया कि सुदेश महतो ने इस इलाके से चार लोगों को उच्च शिक्षा दिलाने की जो बीड़ा उठाया है, उसे पूरा कर रहे हैं. मंगल ने बताया कि वे लगातार स्वराज स्वाभिमान यात्रा का भागीदार बनकर राज्य में घूम रहे हैं. इस यात्रा से संताल परगना के लोगों और खासकर आदिवासी युवाओं और महिलाओं की बड़ी उम्मीदें हैं. मौके पर बडी संख्या में गांव के लोग मौजूद थे. कार्यक्रम में सिद्धो-कान्हो के वंशजों और गांव के लोगों ने भी अपने-अपने विचार रखे.

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