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गृहमंत्रालय का राज्याें को निर्देश, मॉब लिंचिंग को लेकर अलर्ट रहें ,  सोशल मीडिया पर नजर रखें

देश भर में लगातार बढ़ रही मॉब लिंचिंग की घटनाओं को केंद्र सरकार ने गंभीरता से लेते हुए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अलर्ट किया है.

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NewDelhi : देश भर में लगातार बढ़ रही मॉब लिंचिंग की घटनाओं को केंद्र सरकार ने गंभीरता से लेते हुए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अलर्ट किया है. केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों सहित केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारों से  कहा है कि वे मॉब लिंचिंग रोकने के लिए पर्याप्त कदम उठायें. बता दें कि सोशल मीडिया पर बच्चा चोरी की अफवाहों के बाद ऐसी घटनाएं बढ़ रही हैं. इसके अलावा अन्य घटनाओं में भी इजाफा हुआ है.

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बच्चों के अपहरण के मामलों को गंभीरता से लें

गृहमंत्रालय ने राज्यों से कहा है कि ऐसी घटनाओं को रोकने और घटनाओं को अंजाम देने वालों को पकड़ने के लिए सक्रिय हों और उन घटनाओं को रोकने के लिए उचित कदम उठाये जायें.  इस क्रम में गृहमंत्रालय ने राज्यों से कहा कि वे जिला अधिकारियों को निर्देश दें कि वे इससे प्रभावित क्षेत्रों की पहचान करें. राज्यों को निर्देश दिया गया है कि बच्चों के अपहरण के मामलों को गंभीरता से लें और उचित जांच, पड़ताल करें.

सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही अफवाहों  पर आम जन को जागरूक करें

सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही अफवाहों को लेकर आम जन को जागरूक करने की कोशिश करें. जान लें कि देश के कई हिस्सों में मॉब लिंचिंग यानी भीड़ द्वारा लोगों की हत्या की घटनाएं सामने आने के बाद मंगलवार को केंद्र सरकार ने मेसेजिंग ऐप वॉट्सऐप को निर्देश दिये थे कि वह गैर-जिम्मेदार और विस्फोटक मेसेज को अपने प्लैटफॉर्म पर फैलने से रोके. वॉट्सऐप इस मुद्दे पर जवाबदेही से नहीं बच सकती.

उसके बाद  बुधवार को फेसबुक के स्वामित्व वाली कंपनी वॉट्सऐप ने इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना तकनीक मंत्रालय को एक पत्र लिख कर कहा कि पिछले कुछ दिनों में हुए हिंसा के मामलों पर वह भी चिंतित है.भारत सरकार की तरह हम भी इस मामले में चिंतित हैं. इसके लिए सरकार, समाज और तकनीकी कंपनियों को मिलकर काम करना होगा.

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