National

गृहमंत्रालय का राज्याें को निर्देश, मॉब लिंचिंग को लेकर अलर्ट रहें ,  सोशल मीडिया पर नजर रखें

NewDelhi : देश भर में लगातार बढ़ रही मॉब लिंचिंग की घटनाओं को केंद्र सरकार ने गंभीरता से लेते हुए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अलर्ट किया है. केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों सहित केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारों से  कहा है कि वे मॉब लिंचिंग रोकने के लिए पर्याप्त कदम उठायें. बता दें कि सोशल मीडिया पर बच्चा चोरी की अफवाहों के बाद ऐसी घटनाएं बढ़ रही हैं. इसके अलावा अन्य घटनाओं में भी इजाफा हुआ है.

इसे भी पढ़़े़ें :   कर्नाटक : अंधवि श्वासी हैं मंत्री रेवन्ना, ऑफिस आने-जाने के लिए 342 किलोमीटर की दूरी तय करते हैं 

बच्चों के अपहरण के मामलों को गंभीरता से लें

ram janam hospital
Catalyst IAS

गृहमंत्रालय ने राज्यों से कहा है कि ऐसी घटनाओं को रोकने और घटनाओं को अंजाम देने वालों को पकड़ने के लिए सक्रिय हों और उन घटनाओं को रोकने के लिए उचित कदम उठाये जायें.  इस क्रम में गृहमंत्रालय ने राज्यों से कहा कि वे जिला अधिकारियों को निर्देश दें कि वे इससे प्रभावित क्षेत्रों की पहचान करें. राज्यों को निर्देश दिया गया है कि बच्चों के अपहरण के मामलों को गंभीरता से लें और उचित जांच, पड़ताल करें.

The Royal’s
Sanjeevani

सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही अफवाहों  पर आम जन को जागरूक करें

सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही अफवाहों को लेकर आम जन को जागरूक करने की कोशिश करें. जान लें कि देश के कई हिस्सों में मॉब लिंचिंग यानी भीड़ द्वारा लोगों की हत्या की घटनाएं सामने आने के बाद मंगलवार को केंद्र सरकार ने मेसेजिंग ऐप वॉट्सऐप को निर्देश दिये थे कि वह गैर-जिम्मेदार और विस्फोटक मेसेज को अपने प्लैटफॉर्म पर फैलने से रोके. वॉट्सऐप इस मुद्दे पर जवाबदेही से नहीं बच सकती.

उसके बाद  बुधवार को फेसबुक के स्वामित्व वाली कंपनी वॉट्सऐप ने इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना तकनीक मंत्रालय को एक पत्र लिख कर कहा कि पिछले कुछ दिनों में हुए हिंसा के मामलों पर वह भी चिंतित है.भारत सरकार की तरह हम भी इस मामले में चिंतित हैं. इसके लिए सरकार, समाज और तकनीकी कंपनियों को मिलकर काम करना होगा.

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं 

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Related Articles

Back to top button