न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

कश्मीर : 35-ए की वैधता को कानूनी चुनौती के खिलाफ अलगाववादियों का पूर्ण बंद

अनुच्छेद 35-ए को जारी रखने के समर्थन में प्रदर्शन

215

Srinagar : सुप्रीम कोर्ट में अनुच्छेद 35-ए की वैधता को कानूनी चुनौती के खिलाफ अलगाववादियों के पूर्ण बंद के आह्वान के कारण रविवार को कश्मीर में जनजीवन पूरी तरह से प्रभावित हुआ है. गौरतलब है कि अनुच्छेद 35-ए के तहत राज्य में जम्मू कश्मीर के बाहर के किसी व्यक्ति के अचल संपत्ति खरीदने पर रोक है. अधिकारियों ने बताया कि पूरी घाटी में स्थिति शांतिपूर्ण है और अब तक कहीं से किसी अप्रिय घटना की खबर नहीं है. वहीं, हड़ताल के कारण पूरी घाटी में दुकान और व्यवसायिक प्रतिष्ठान बंद हैं जबकि सड़कों पर कोई वाहन नहीं चल रहा है.

इसे भी पढ़ें- गिरिडीह: गांडेय बीडीओ के घर में घुस कर अपराधियों ने गोली मारी

सोमवार को सुनवाई की तारिख तय

सुप्रीम कोर्ट में अनुच्छेद 35-ए की वैधता को चुनौती देने वाली एक जनहित याचिका पर सोमवार को सुनवाई की तारीख तय किये जाने को लेकर ज्वाइंट रसिस्टेंट लीडरशिप (जेआरएल) ने रविवार और सोमवार को दो दिवसीय बंद का आह्वान किया है. राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट  के रजिस्ट्रार के पास एक आवेदन दायर किया था जिसमें उसने सूचना दी थी कि वह आगामी पंचायत और शहरी स्थानीय निकाय एवं राज्य में नगरपालिका चुनावों के लिए चल रही तैयारी के कारण याचिका की सुनवाई स्थगित करने की मांग कर रही है.

इसे भी पढ़ें- हिंदपीढ़ी : 20 दिन पहले ही सिविल सर्जन से की गयी थी चिकनगुनिया फैलने की शिकायत, फिर भी सोया रहा प्रशासन

अनुच्छेद 35-ए को जारी रखने के समर्थन में प्रदर्शन

अधिकारियों ने बताया कि कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए शहर और कश्मीर में दूसरी अतिसंवेदनशील जगहों पर सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाई गयी है. बार एसोसिएशन, ट्रांसपोर्टर एवं व्यापारिक संगठनों सहित विभिन्न संगठनों ने जेआरएल के बंद का समर्थन किया है. जेआरएल में सैयद अली शाह गिलानी, मीरवाइज उमर फारूख और मोहम्मद यासिन मलिक शामिल हैं. नेशनल कांफ्रेंस और पीडीपी जैसी मुख्यधाराओं की पार्टियों के कारण कश्मीर में पिछले कुछ दिनों में प्रदर्शन की कई घटनाएं होती हैं. इन पार्टियों ने अनुच्छेद 35-ए को जारी रखने के समर्थन में प्रदर्शन किया है.

इसे भी पढ़ें- दिल्ली, कर्नाटक, इलाहाबाद, देहरादून तक है झारखंड के IAS अफसरों की धन-संपत्ति

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.

इसे भी पढ़ें- मिजल्स-रूबेला टीकाकरण अभियान परवान पर, निधि खरे खुद कर रही हैं मॉनिटरिंग

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

Comments are closed.

%d bloggers like this: