न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें
bharat_electronics

कर्नाटक : अंधविश्वासी हैं मंत्री रेवन्ना, ऑफिस आने-जाने के लिए 342 किलोमीटर की दूरी तय करते हैं

445

Bengaluru :  के लोक निर्माण विभाग मंत्री एचडी रेवन्ना के  अंधविश्वास की. अपने अंधविश्वास के कारण मंत्री एचडी रेवन्ना हर दिन अपने ऑफिस आने-जाने के लिए 10-20 किलोमीटर के बजाय 342 किलोमीटर का सफर तय करते हैं. इसका कारण बता दें कि वास्तु के हिसाब से जिस बंगले को मंत्री रेवन्ना खुद के लिए भाग्यशाली मानते हैं, वह बहरहाल खाली नहीं है.

eidbanner

इसे भी पढ़ें- सीडब्ल्यूसी का बड़ा खुलासा : अविवाहित गर्भवती लड़कियों को निर्मल हृदय में मिलता है आश्रय, बच्चा होने पर बेच दिया जाता है उसे

मंत्री रेवन्ना आठ बजे बेंगलुरु से 170 किमी दूर होलनरसीपुरा के घर से निकलते हैं

यह बंगला बेंगलुरु के कुमारकृपा पार्क ईस्ट स्थित गांधी भवन के पास है. यह खूबसूरत बंगला कांग्रेस नेता एचसी महादेवप्पा के कब्जे में है. रेवन्ना इसी बंगले में रहना चाहते हैं. उनके अनुसार यह बंगला उनके राजनीतिक करियर के लिए एकदम सही है. लेकिन उन्हें अभी तक यह बंगला मिला नहीं है, इसलिए वह हर दिन सुबह पांच बजे उठते हैं और आठ बजे बेंगलुरु से लगभग 170 किमी दूर होलनरसीपुरा जिले के घर से निकलते हैं.

रास्ते में मंदिरों के दर्शन करते हुए रेवन्ना विधान सौध पहुंचते हैं

रास्ते में मंदिरों के दर्शन करते हुए वे 11 बजे विधान सौध पहुंचते हैं. वहां दिनभर काम निपटाने के बाद रात करीब 8:30 बजे वह फिर 170 किलोमीटर की दूरी तय कर रात 11 बजे घर पहुंचते हैं. पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया भी इस बंगले में रहे थे, जब वह नेता प्रतिपक्ष थे. वह भी इस बंगले को लकी बताते हैं,  क्योंकि इसमें रहते हुए वह मुख्यमंत्री बने थे. रेवन्ना का कहना है कि अभी तक उन्हें बंगला अलॉट नहीं हुआ है. इसलिए वह रोज इतना सफर करते हैं.

Related Posts

बंगाल को तरजीह, सांसद अधीर रंजन चौधरी लोकसभा में कांग्रेस के नेता होंगे

अधीर रंजन चौधरी के साथ-साथ केरल के नेता के सुरेश, पार्टी प्रवक्ता मनीष तिवारी और तिरुवनंतपुरम के सांसद शशि थरूर इस पद के लिए दौड़ में शामिल थे.

रेवन्ना भी इस बंगले में वह  2004-2007 तक रह चुके हैं.वह होलनरसीपुरा भी ज्योतिषी के कहने पर ही गये थे. एचडी कुमारस्वामी के शपथग्रहण, कैबिनेट विस्तार, विधानसभा सत्र, बजट का दिन और समय भी उन्होंने तय किया था. कुमारस्वामी उन्हीं के कहने पर शपथग्रहण के लिए नंगे पैर पहुंचे थे.

चुनाव से पहले देवगौड़ा ने कुमारस्वामी के मुख्यमंत्री बनने के लिए 15 दिन तक अतिरुद्र यज्ञ किया था. मुख्यमंत्री बनने के बाद यज्ञ के आखिरी दिन कुमारस्वामी ने पत्नी अनीता, माता-पिता, रेवन्ना और परिवार के बाकी सदस्यों के साथ पूजा में हिस्सा लिया था.

बताया जाता है कि रेवन्ना ईवीएम की दिशा वोट देते समय बदल देते हैं. जनता दल (एस) के मुख्यालय के निर्माण के दौरान उन्होंने सीढ़ियों के वास्तु के अनुसार न बनने के कारण उन्हें गिरा दिया था.

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं. 

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

dav_add
You might also like
addionm
%d bloggers like this: