न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

कर्नाटक : कांग्रेस को सता रहा है डर, बजट सत्र में भाजपा ला सकती है अविश्‍वास प्रस्‍ताव

कर्नाटक में रार थमती नजर नहीं आ रही है. कांग्रेस-जदयू के बीच सियासी घमासान अभी जारी   है

37

 NewDelhi : कर्नाटक में रार थमती नजर नहीं आ रही है. कांग्रेस-जदयू के बीच सियासी घमासान अभी जारी   है. खबरों के अनुसार कांग्रेस आशंकित है कि बजट सत्र के दौरान भाजपा अविश्‍वास प्रस्‍ताव ला सकती है खेल ख्रराब कर सकती है. यही कारण है कि कांग्रेस विधानसभा स्पीकर के लगातार संपर्क में है. बता दें कि वर्तमान में कांग्रेस के रमेश कुमार स्पीकर हैं. यह कुमारस्‍वामी सरकार के लिए राहत की बात है.  कांग्रेस यह मानकर चल रही है कि बजट बिल पारित कराते समय भाजपा मतदान की मांग उठा सकती है.  कांग्रेस डर रही है कि यदि उसके   नाराज विधायक मत विभाजन के पक्ष में मतदान कर दें, तो बजट बिल गिर सकता हैं,  यह जेडीएस-कांग्रेस सरकार के लिए काफी शर्मनाक बात होगी. यह देखते हुए कांग्रेस की ओर से बजट सत्र के लिए व्हिप जारी करने की संभावना है.  ताकि दलबदल कानून का उल्लंघन करने वाले विधायकों के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के दौरान कार्रवाई की जा सके. हालांकि कांग्रेस को क्रॉस वोटिंग की चिंता नहीं है क्योंकि स्पीकर उसी पार्टी के हैं और वे ऐसे वोटों को दरकिनार कर सकते हैं.

कर्नाटक में राष्ट्रपति शासन लगा दिया जाये

बताया जा रहा है कि भाजपा की पूरी कोशिश है कि किसी भी तरह कर्नाटक में राष्ट्रपति शासन लगा दिया जाये. फिलहाल जेडीएस-कांग्रेस के पास 118 विधायक हैं जिनमें चार बागी बताये जा रहे हैं. एक विधायक गणेश कुछ दिन के लिए निलंबित किये गये हैं. कांग्रेस को इन पांच विधायकों के वोट की उम्मीद भी नहीं है.  इसलिए उसका संख्याबल 113 है. यह संख्या कुल विधायकों का आधा है क्योंकि कर्नाटक एसेंबली में 226 विधायक हैं. सरकार चलाने के लिए जेडीएस-कांग्रेस को एक और संख्या चाहिए होगी. जानकारी के अनुसार आगामी लोकसभा चुनावों के लिए कांग्रेस और जेडीएस के बीच सीट शेयरिंग को लेकर फरवरी के पहले हफ्ते में बैठक हो सकती है. दोनों पार्टियों के बीच इस मुद्दे पर बात फंसी है जिस कारण विधायक बागी बताये जा रहे हैं.

 

Related Posts

अमित शाह ने एनएसए डोभाल  के साथ कश्मीरियों की सहूलियतों  पर चर्चा की, अफवाहों को  कुचलने का निर्देश

हिंसा भड़काने के मकसद से  परोसी जा रही गलत खबरों और तरह-तरह की अफवाहों को कठोरता से कुचलने का निर्देश दिया गया.

SMILE

इसे भी पढ़ेंः आम चुनाव से पहले भारत में हो सकते हैं सांप्रदायिक दंगे- US इंटेलिजेंस

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like
%d bloggers like this: