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कर्नाटक संकट: स्पीकर के फैसले के खिलाफ दस बागी विधायकों ने सुप्रीम कोर्ट का खटखटाया दरवाजा

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New Delhi : कांग्रेस और जद(एस) के कर्नाटक के दस बागी विधायकों ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. विधायकों ने आरोप लगाया कि विधानसभा अध्यक्ष जानबूझकर उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं कर रहे हैं.

प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने बागी विधायकों की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी की दलीलों पर गौर किया. साथ ही उन्हें आश्वस्त किया कि वह देखेंगे कि क्या उनकी याचिका को तत्काल सुनवाई के लिए कल सूचीबद्ध किया जा सकता है.

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नौ विधायकों के इस्तीफे निर्धारित प्रारूप में नहीं- स्पीकर

इधर मंगलवार को कर्नाटक विधानसभा अध्यक्ष के. आर रमेश कुमार ने कहा कि सत्ताधारी कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन के 14 में से नौ बागी विधायकों के इस्तीफे निर्धारित प्रारूप में नहीं है. उन्होंने विधायकों को सही प्रारूप में इसे सौंपने को कहा है.

इससे पहले कांग्रेसी नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने विधानसभा अध्यक्ष कुमार से मुलाकात की थी और उनसे दलबदल विरोधी कानून के तहत बागी विधायकों को अयोग्य ठहराये जाने की मांग की. साथ ही भाजपा पर उसके सदस्यों को लुभाने के लिए धनबल के इस्तेमाल का आरोप लगाया.

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बीजेपी करेगी प्रदर्शन

वहीं पूरे घटनाक्रम पर बीजेपी की नजर है. हालांकि, कांग्रेस और जेडीएस इसे भाजपा की साजिश बता रही है. लेकिन बीजेपी ने इसे गठबंधन का अंदरूनी मसला करार दिया है.

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साथ ही पार्टी ने दावा किया है कि कुमारस्वामी की सरकार अल्पमत में है और उन्हें इस्तीफा देना चाहिये.

पार्टी की प्रदेश इकाई के प्रमुख बी एस येदियुरप्पा ने संवाददाताओं से कहा, ‘मैंने अपने विधायकों से चर्चा की है और हमने बहुमत खो चुके मुख्यमंत्री कुमारस्वामी के इस्तीफे की मांग को लेकर सुबह 11 बजे गांधी मूर्ति के सामने प्रदर्शन करने का फैसला किया है.’

येदियुरप्पा के बुधवार को राजभवन में राज्यपाल वजूभाई वाला से मुलाकात करने की संभावना है.

आंकड़ों में बात करें तो 224 सदस्यीय विधानसभा में दो निर्दलीय विधायकों के समर्थन के साथ भाजपा के पास 107 विधायक हैं, जबकि बहुमत का आंकड़ा 113 है.

गौरतलब है कि कर्नाटक में सत्तारूढ़ गठबंधन के 15 विधायक, प्रदेश की एच डी कुमारस्वामी की गठबंधन सरकार से समर्थन वापस लेने और विधानसभा की सदस्यता से त्यागपत्र देने के बाद शनिवार से ही यहां के एक होटल में रह रहे हैं. इन विधायकों में से 10 कांग्रेस के, तीन जेडीएस के जबकि दो विधायक निर्दलीय हैं.

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