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कानपुर शूटआउटः विकास दुबे का पता बताने वाले को मिलेंगे अब 5 लाख, बॉडीगार्ड ढेर, एक साथी गिरफ्तार

गैंगस्टर पर इनाम की राशि हुई दोगुनी, विकास की तलाश में पुलिस की 50 टीमें

Kanpur/Lucknow:  यूपी पुलिस के आठ जवानों की हत्या करनेवाला विकास दुबे घटना के छह दिनों बाद भी पुलिस की पकड़ से बाहर है. हालांकि, पुलिस लगातार दबिश बनाने की कोशिश में है. उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स को बुधवार को दो बड़ी कामयाबी भी मिली है.  पुलिस ने कानपुर के बिकरू कांड के मुख्य आरोपी विकास दुबे के करीबी साथी को मुठभेड़ में मार गिराया वहीं उसके एक अन्य गुर्गे को गिरफ्तार कर लिया.

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साथ ही विकास दुबे को लेकर इनाम की राशि दोगुनी करते हुए पांच लाख कर दी गयी है. खबर है कि गैंगस्टर की तलाश में पुलिस की 50 टीमें लगी है.

विकास का पता बताने वाले को मिलेंगे 5 लाख

आठ पुलिसवालों का हत्या का आरोपी विकास दुबे अब तक फरार है. गैंगस्टर की तलाश में भटक रही पुलिस ने एक बार फिर विकास दुबे पर इनाम की राशि बढ़ा दी है. अब कुख्यात अपराधी का पता बताने वाले को पांच लाख रुपये का इनाम दिया जायेगा. विकास की जानकारी देनेवाले का नाम और पता पूरी तरह से गुप्त रखा जायेगा.

बता दें कि विकास दुबे पर घटना से पहले 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था. लेकिन 2 जुलाई की रात पुलिस टीम पर हुए हमले के बाद पुलिस ने विकास दुबे पर इनाम की राशि एक लाख रुपये कर दी थी. इसके 50 घंटे बाद ही इनाम की राशि को बढ़ाकर ढाई लाख कर दिया गया था. बावजूद इसके विकास दुबे का कोई सुराग नहीं मिला है. एकबार फिर इनाम की राशि को बढ़ाते हुए 5 लाख कर दी गयी है.

विकास दुबे यूपी का सबसे कुख्यात बदमाश बन चुका है. वहीं विकास को गिरफ्तार करने में हो रही देर के बारे में पूछे जाने पर एसटीएफ पुलिस महानिरीक्षक अमिताभ यश ने कहा कि वह बहुत शातिर अपराधी है और अक्सर छुपा रहता है लिहाजा उसे पकड़ने में समय लग रहा है लेकिन हम उसे निश्चित रूप से पकड़ेंगे. हमें कामयाबी मिलनी शुरू हो चुकी है.

विकास का गुर्गा श्यामू बाजपेई गिरफ्तार

विकास दुबे और उसके साथियों की तलाश लगातार जारी है. इस खोज में कानपुर के चौबेपुर इलाके में विकास दुबे का सहयोगी श्यामू बाजपेई पुलिस के साथ मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया. चौबेपुर के थानाध्यक्ष केएम राय ने बताया कि मुठभेड़ के दौरान बाजपेई के पैर में गोली लगी है. उस पर 25000 रुपये का इनाम घोषित था.

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वहीं एसटीएफ के पुलिस महानिरीक्षक अमिताभ यश ने बताया, ‘बिकरू हत्याकांड मामले में नामजद सभी अभियुक्तों की तलाश की जा रही है. जब भी हमें उनके बारे में कोई सूचना मिलती है, हम स्थानीय पुलिस की मदद लेते हैं. हम वारदात के बाद पुलिस से छीने गए हथियारों की भी तलाश कर रहे हैं. साथ ही उन हथियारों के बारे में भी पता लगा रहे हैं, जिनका इस्तेमाल पुलिस पर हमला करने में किया गया था.’

मुठभेड़ में मारा गया विकास का बॉडीगार्ड

एसटीएफ के महानिरीक्षक अमिताभ यश ने बताया कि विकास दुबे का करीबी साथी और रिश्तेदार अमर दुबे हमीरपुर जिले के मौदहा इलाके में एसटीएफ के साथ मुठभेड़ में मारा गया. अधिकारी ने बताया कि उस पर 25000 रुपये का इनाम घोषित था.

हमीरपुर के पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने इस मुठभेड़ के बारे में बताया, ‘मुखबिर की सूचना पर एसटीएफ और स्थानीय पुलिस ने अमर को घेर लिया. इस दौरान उसने पुलिस पर गोलियां चलायी, जिसमें मौदहा के इंस्पेक्टर और एसटीएफ के एक कॉन्स्टेबल घायल हो गए, जवाबी कार्रवाई में अमर को गोलियां लगी और अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.’

उन्होंने बताया कि पुलिस को मौके से एक स्वचालित हथियार और एक बैग मिला है विकास दुबे गैंग का तीसरा सदस्य है जो मुठभेड़ में मारा गया है. इससे पहले उसके साथी प्रेम प्रकाश पांडे और अतुल दुबे पिछले शुक्रवार को वारदात के बाद मुठभेड़ में मारे गए थे.

सूत्रों के मुताबिक अमर दुबे विकास की हिफाजती दस्ते में शामिल था और वह हर वक्त विकास के साथ रहता था जबकि श्यामू बाजपेई विकास का करीबी सहयोगी था.

वहीं यूपी पुलिस ने बिकरू कांड मामले में विकास की एक करीबी रिश्तेदार क्षमा, विकास के पड़ोसी सुरेश वर्मा और नौकरानी रेखा को गिरफ्तार कर लिया. रेखा गत रविवार को गिरफ्तार किए गए विकास के गुर्गे दयाशंकर अग्निहोत्री की पत्नी है. इसके अलावा पुलिस ने बिकरु कांड में आरोपी 15 लोगों की तस्वीरें जारी की हैं, जिन्हें जगह-जगह चस्पा किया गया है. इनमें से ज्यादातर पर 25-25 हजार रुपए का इनाम घोषित है.

गौरतलब है कि गत दो-तीन जुलाई की दरमियानी रात करीब एक बजे गैंगस्टर विकास दुबे को पकड़ने गए पुलिस दल पर उसके गुर्गों ने ताबड़तोड़ गोलियां चलायी थी. जिसमें पुलिस सीओ देवेंद्र मिश्रा, तीन दारोगा और चार सिपाहियों की हत्या कर दी गयी थी.

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