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Kanke Dam : 10 एकड़ से अधिक जमीन पर हो चुका है कब्ज़ा, 12 जुलाई से शुरू होगा कांके डैम बचाओ आंदोलन

Ranchi : कांके डैम की जमीन लगातार सिकुड़ रही है. भू माफियाओं के कारण 10 एकड़ से भी अधिक जमीन पर अतिक्रमण हो चुका है. पिछले तीन साल से कांके डैम के सीमांकन के नाम पर नगर निगम बस कोरम करने में लगा है. डैम को अतिक्रमण मुक्त कर घेराबंदी करने के लिए एकतरफा तरीके से काम हो रहा है. डैम में 8-9 नालों से गन्दा पानी लगातार गिराया जा रहा है. ऐसे में डैम की हालत लगातार पस्त हो रही है. कांके डैम संरक्षण समिति ने बुधवार को हुई बैठक में 12 जुलाई से कांके डैम बचाओ आंदोलन शुरू करने की योजना बनायी है.

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ठोस नतीजे तक जारी रहेगा आंदोलन

कांके डैम संरक्षण समिति ने फैसला लिया है कि 12 जुलाई से अनिश्चितकाल के लिए “कांके डैम बचाओ आंदोलन” की शुरुआत की जायेगी. आंदोलन कांके डैम के पश्चिमी तट के फुटबॉल मैदान (पतरागोंदा) में शुरू होगा. यह तब तक जारी रहेगा जब तक संबंधित विभाग/निगम द्वारा डैम को बचाने के मसले पर गंभीरता से फैसला न लिया जाये. सरकार ठोस निर्णय ले और उस पर क्रियान्वयन शुरू करे.

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दुधारू गाय बन चुका है डैम

कांके डैम संरक्षण समिति के प्रमुख अमृतेश पाठक के मुताबिक डैम का पानी कांके सहित राजधानी की कई पॉश  कॉलोनियों में जाता है. बावजूद इसके लोग डैम और उसके पानी की क्वालिटी को बचाने के लिए गंभीर नहीं दिख रहे हैं. खास कर सरकार का रवैया निराशाजनक है. पिछले 12-13 सालों में 3 बार डैम की मापी हो चुकी है. अतिक्रमण के मामले में कोर्ट में केस चल रहा है. लोग स्टे ऑर्डर ले आते हैं. जमीन के कई एकड़ लगातार हथियाये जा रहे हैं. डैम की बची हुए जमीन की जल्द से जल्द घेराबंदी किये जाने का काम होना चाहिए था, ऐसा हो नहीं रहा. इससे डैम संकुचित होता जा रहा है. पंडरा इलाके से पानी का इनफ्लो होता था, यह बंद होने को है. अब केवल नाला का पानी डैम में आता है.

100 परिवारों के सामने आजीविका का संकट

100 परिवार डैम से मछली मार कर रोजी-रोटी कमाते थे. नगर निगम ने टेंडर निकाल कर एक पार्टी विशेष को इसे सौंप दिया है. इससे सैकड़ों परिवारों के सामने जीविका का संकट उत्पन्न हो गया है. डैम के संरक्षण के लिए जल सत्याग्रह किया गया. पेयजल विभाग, नगर निगम, मत्स्य विभाग और अन्य जगहों पर आन्दोलन पहले किये गया था. पर वास्तव में कोई ईमानदारी नहीं दिखा रहा. ऐसे में 12 जुलाई से फिर पहल होगी.

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