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कांके डैम बचाओ आंदोलन : मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने मना लिया आंदोलनकारियों को, खत्म हुआ आंदोलन

  • 21 दिनों तक चला आंदोलन, मंत्री को स्थानीय लोगों ने कहा- तीन साल से कर रहे संघर्ष

Ranchi : कांके डैम संरक्षण के लिए जारी आंदोलन शुक्रवार को समाप्त हो गया. विभागीय मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने इस दौरान डैम के पास ही स्थित सोसो मैदान में चल रहे आंदोलन में शामिल लोगों से मुलाकात की. मंत्री से वार्ता के बाद ही यह आंदोलन समाप्त किया गया.

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डैम को बचाने के साथ ही 12 गांवों के मछुआरों को रोजगार दिलाने के लिए यह अनिश्चितकालीन आंदोलन किया जा रहा था. आंदोलन दो अक्टूबर से जारी था, जो लगभग 21 दिनों तक जारी रहा. यह आंदोलन कांके डैम संरक्षण समिति की ओर से चलाया जा रहा था.

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मंत्री ने समस्या के समाधान का दिया आश्वासन

कांके डैम संरक्षण समिति के संरक्षक अमृतेश पाठक ने मंत्री को पिछले तीन साल में डैम की हुई दुर्दशा की जानकारी दी. साथ ही बताया कि स्थानीय लोग किस तरह डैम और इससे जुड़े रोजगार के लिए संघर्ष कर रहे हैं. इस दौरान मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने समिति और स्थानीय लोगों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्या का समाधान किया जायेगा. मंत्री ने लोगों की मांगों को जायज बताया.

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उन्होंने डैम को संरक्षित करने का भरोसा दिया. उन्होंने आंदोलनकारियों को बताया कि डैम को अतिक्रमण मुक्त करने को लेकर सरकार योजना बना रही है. दुर्गा पूजा के बाद डैम की साफ-सफाई का काम भी शुरू होगा. इस दौरान नगर विकास विभाग के वरीय अधिकारी, नगर निगम और जिला प्रशासन के अधिकारी उपस्थित रहे.

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150 परिवारों के रोजगार का सवाल

इस दौरान मुख्य रूप से साढ़े चार सौ एकड़ जमीन अधिग्रहीत होने का मामला उठाया गया. अमृतेश पाठक ने बताया कि नियमों को ताक पर रखकर नगर निगम ने डैम के लिए टेंडर निकाला. ऐसा हुए लगभग डेढ़ साल हो चुके हैं. वहीं, विनिर्माण के नाम पर स्थानीय लोगों की साढ़े चार सौ एकड़ जमीन अधिग्रहीत की गयी. जबकि, इन लोगों को रोजगार मुहैया नहीं कराया गया.

उन्होंने बताया कि क्षेत्र के 12 गांव के लगभग 150 परिवार इससे प्रभावित हुए. साथ ही, डैम में नालों से पहुंचनेवाले पानी के प्रवेश पर रोक लगाना, स्थानीय मछुआरों को मछली पालन की स्थायी बंदोबस्ती, डैम को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने, स्थानीय लोगों, समाजसेवी और पर्यावरण संरक्षण के लिए काम करनेवाले लोगों को मिलाकर एक स्थायी समिति बनाकर डैम की देखभाल, साफ-सफाई और सुरक्षा की जिम्मेदारी देने की मांग की गयी. मौके पर प्रशांत पांडे, रमेश मुंडा, सियाराम सिंह समेत अन्य लोग मौजूद रहे.

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