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#Sedition_Case : कन्हैया कुमार ने देशद्रोह केस को लेकर कहा,  इसकी टाइमिंग पर ध्यान दीजिए, फास्ट ट्रैक कोर्ट में जल्द हो सुनवाई

NewDelhi :  JNU छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने दिल्ली सरकार द्वारा राजद्रोह के केस को  मंजूरी दिये जाने पर कहा कि इसकी टाइमिंग पर ध्यान देना चाहिए. जान लें कि  चार साल पुराने एक मामले में JNU छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार सहित 10 लोगों पर मुकदमा चलाने के लिए दिल्ली पुलिस को मंजूरी दी है. कन्हैया ने इस संबंध में NDTV से कहा कि इसकी टाइमिंग पर ध्यान देना चाहिए. कहा कि लोकसभा चुनाव से पहले चार्जशीट फाइल की गयी है. जब मैं बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटा हुआ हूं तो राजद्रोह केस को  मंजूरी दी गयी है.

कन्हैया कुमार ने कहा कि इस देश के लोगों को मालूम होना चाहिए कि किस तरह से देशद्रोह जैसे आरोपों का इस्तेमाल करते हुए इसका सियासी फायदा उठाया जा रहा है.  जेएनयू के पूर्व अध्यक्ष ने दविंदर सिंह का उदाहरण दिया. कहा कि   उसके खिलाफ अब तक देशद्रोह की धाराएं नहीं लगाई गयी हैं.

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कन्हैया ने कहा, उन्होंने देश विरोधी नारे नहीं लगाये थे

इस क्रम में कन्हैया ने दोहराया कि उन्होंने देश विरोधी नारे नहीं लगाये थे. उन्होंने आम आदमी पार्टी द्वारा इस मामले में कार्यवाही अवरुद्ध करने के सवाल  खारिज करते हुए कहा कि मैं इस पर कुछ नहीं चाहूंगा,  लेकिन मैं यह जरूर कहना चाहूंगा कि इस केस को अब गंभीरता से लिया जाये, फास्ट ट्रैक कोर्ट में स्पीडी ट्रायल हो और टीवी वाली आपकी अदालत की जगह कानून की अदालत में न्याय सुनिश्चित किया जाये.  कहा कि न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है.

कन्हैया कुमार ने फैसले की घोषणा के तुरंत बाद लिखा, दिल्ली सरकार को सेडिशन केस की परमिशन देने के लिए थैंक्यू. दिल्ली पुलिस और सरकारी वकीलों से आग्रह है कि इस केस को अब गंभीरता से लिया जाये, फॉस्ट ट्रैक कोर्ट में जल्द ही ट्रायल हो और TV वाली आपकी अदालत की जगह कानून की अदालत में न्याय सुनिश्चित किया जाए. सत्यमेव जयते.

जान लें कि फरवरी 2016 में दिल्ली के JNU में कथित रूप से देश विरोधी नारे लगाने का मामला सामने आया था.  इस मामले में JNU के छात्र संघ के अध्यक्ष रहे कन्हैया कुमार, उमर खालिद, अनिर्बान भट्टाचार्य समेत 10 लोगों के ख़िलाफ़ दिल्ली पुलिस ने देशद्रोह के आरोप में  जनवरी 2019 में चार्जशीट दाखिल की थी.

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