DeogharJharkhand

यौन शोषण मामले में फरार चल रहे जेवीएम विधायक प्रदीप यादव ने देवघर कोर्ट में किया सरेंडर

Deoghar: अपनी ही पार्टी के महिला नेत्री के द्वारा लगाये गये यौन उत्पीड़न के आरोप के मामले में फरार चल रहे जेवीएम विधायक प्रदीप यादव ने गुरुवार को देवघर कोर्ट में सरेंडर कर दिया. इससे पहले प्रदीप यादव को हाइकोर्ट से बड़ा झटका लगा था. 16 जुलाई को हाइकोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया था. लिहाजा उनके पास सरेंडर करने या गिरफ्तार होने के अलावा कोई चारा नहीं बचा था. देवघर कोर्ट से उनके खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट जारी थी. विधायक की गिरफ्तारी के लिए देवघर पुलिस लगातार कोशिश कर रही थी.

देखें वीडियो-

इसे भी पढ़ें – बकरी बाजार का कैसे हो इस्तेमाल, इसपर राज्यसभा सांसद, नगर विकास मंत्री और डिप्टी मेयर का अलग-अलग राग

advt

गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद से चल रहे थे फरार

जेवीएम महिला नेत्री से यौन उत्पीड़न के मामले गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद प्रदीप यादव फरार चल रहे थे. देवघर पुलिस जेवीएम विधायक प्रदीप यादव की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी अभियान चला रही थी. लेकिन विधायक प्रदीप यादव का कोई सुराग नहीं मिल रहा था. बता दें कि उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने रांची और गोड्डा आवास सहित कई संभावित जगहों पर भी छापेमारी की थी, लेकिन पुलिस को कोई सफलता हाथ नहीं लगी थी.

इसे भी पढ़ें – नेता प्रतिपक्ष आपने बालू बेच दिया, मैनहर्ट में जो पैसा खाये हो वो भी निकलवाएंगे: सीपी सिंह

हाइकोर्ट ने जमानत याचिका को कर दिया था खारिज

झारखंड हाइकोर्ट ने यौन उत्पीड़न के आरोपी झाविमो विधायक प्रदीप यादव की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया था. जज अनिल कुमार चौधरी की अदालत ने 16 जुलाई को विधायक की याचिका को खारिज किया था. विधायक ने अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए एक जुलाई को झारखंड हाइकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी.

पुलिस की जांच में दोषी पाये गये थे प्रदीप यादव

जेवीएम महिला नेत्री से यौन उत्पीड़न के मामले जेवीएम के पौड़ेयाहाट विधायक प्रदीप यादव को पुलिस जांच में दोषी पाया गया है. केस की अनुसंधानकर्ता साइबर डीएसपी नेहा बाला की रिपोर्ट से इस बात का खुलासा हुआ है. पुलिस की जांच में प्रदीप यादव के खिलाफ आइपीसी की धारा 354, 354ए, 354बी, 354डी, 506 और 509 में मामला सत्य पाया गया है.

adv

प्रदीप यादव के पास विकल्प

हाइकोर्ट से अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद प्रदीप यादव के पास कई विकल्प थे. कानूनी जानकारों के अनुसार हाइकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दाखिल कर सकते हैं और जमानत की गुहार लगा सकते थे या फिर उन्हें निचली अदालत में सरेंडर करना पड़ता. जहां नियमित जमानत की अर्जी दाखिल कर सकते हैं. फिलहाल उम्मीद जतायी जा रही है कि प्रदीप यादव निचली अदालत में सरेंडर करने के बाद नियमित जमानत याचिका की अर्जी दाखिल करेंगे.

इसे भी पढ़ें – अग्रवाल बंधु हत्याकांड को हुए 141 दिन, भूल गयी रांची पुलिस अब भी दो मुख्य आरोपी हैं फरार

advt
Advertisement

Related Articles

Back to top button