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एक महीने से ठप्प है JVBNL की राजस्व वसूली, सब कुछ सामान्य होने पर भुगतान में होगी परेशानी

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  • लेटर ऑफ क्रेडिट के तहत बैंक देती है, बिजली देने वाली संस्थाओं को पैसा
  • जेबीवीएनएल के भुगतान की गारंटी लेटर ऑफ क्रेडिट के तहत बैंक के पास

Ranchi : राज्य में औद्योगिक ईकाई खुलने को है. पिछले एक महीने से राज्य में बिजली की मांग और बिलिंग घट गयी. जब से लॉकडाउन घोषित हुआ, तब से राज्य में यही स्थिति है. बिजली की मांग घटने का फायदा यह रहा कि झारखंड राज्य बिजली वितरण निगम लिमिटेड को बिजली खरीदने वाली संस्थाओं से कम दर पर बिजली मिली. जिससे भुगतान भी कम किया जायेगा.

लेकिन इस लॉकडाउन का असर ये भी रहा कि जेबीवीएनएल को बिलिंग से कम राजस्व मिला. जिससे आने वाले समय में जेबीवीएनएल के लिए समस्याएं उत्पन्न होंगी. औद्योगिक ईकाईयों के खुलने से राज्य में 200 मेगावाट अधिक बिजली की खपत होगी.

पिछले एक माह से कारखानें बंद हैं. ऐसे में बिजली की फिक्सड चार्जेस भी शायद औद्योगिक ईकाईयों से मिलने में मुश्किल होगी. वर्तमान में जेबीवीएनएल की ओर से बिजली खरीदने वाली संस्थाओं को लेटर ऑफ क्रेडिट के जरिये भुगतान किया जाता है. जिससे जेबीवीएनएल की परेशानियां और बढ़ सकती हैं.

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बैंक देती है गारंटी संस्थाओं को पैसे वापस करने की

राज्य को बिजली देने वाली संस्थाओं को लेटर ऑफ क्रेडिट के जरिये पैसे दिये जाते हैं. इसके तहत बैंक बिजली देने वाली संस्थाओं को गारंटी देती है कि वो पावर परचेजिंग का पैसा संस्थाओं को देगी. बैंक जेबीवीएनएल के खाते से पैसे निकालकर संस्थाओं को दे सकती है.

पिछले एक महीने से जेबीवीएनएल को राजस्व प्राप्त हुआ नहीं है. जो प्राप्ति है भी, वो न के बराबर. क्योंकि जेबीवीएनएल सिर्फ 500 करोड़ रूपये की बिजली ही खरीदती है हर महीने. ऐसे में अब जेबीवीएनएल को एलसी खोलना होगा.

औद्योगिक ईकाईयों के शुरू होने से बिजली की खपत बढ़ेगी. जिससे आने वाले महीनों में परेशानी होगी. एलसी में आयी कमी के कारण ही पिछले दिनों डीवीसी का बकाया हुआ था.

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300 करोड़ की जगह 22 लाख हुई वसूली

लॉकडाउन के पहले तक जेबीवीएनएल की राजस्व वसूली 300 करोड़ होती थी. मार्च महीने में इसमें काफी कमी देखी गयी. इस महीने 46 लाख का लक्ष्य रखा गया.

जिसमें से मात्र 22 लाख ही वसूली हो पायी. फिलहाल इस समस्या से जूझने के लिए जेबीवीएनएल सेल्फ बिलिंग एप्प बना रहा है. जिससे मीटर रीडिंग आसान होगी. अन्य एप्प के जरिये लोग भुगतान कर सकते हैं.

क्या है लेटर ऑफ क्रेडिट

लेटर ऑफ क्रेडिट एलसी, इसे डाक्यूमेंट क्रेडिट या बैंर्कस कर्मिशयल क्रेडिट के नाम से भी जाना जाता है. इसके तहत बैंक सेवा प्रदान करने वाली संस्थाओं को भुगतान की गारंटी देता है. राज्य के बिजली आपूर्ति में ये सेवा जेबीवीएनएल और बिजली बेचने वाली संस्थाओं के बीच की जा रही है. बिजली बेचने वाली संस्थाओं में टीयूभीएनएल, डीवीसी समेत अन्य संस्थाएं हैं.

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