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किशोर सुधार गृह में गोलियां चलने के मामले पर न्यायालय ने लिया संज्ञान

जिसमें पांच किशोर सुधारगृह की देखभाल करने वाले व्यक्ति तथा कुछ अन्य बच्चों की हत्या करने के बाद वहां से फरार हो गये.

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Delhi :  उच्चतम न्यायालय ने बिहार के पूर्णिया में स्थित किशोर सुधार गृह में हाल में हुई उस घटना का गुरूवार को संज्ञान लिया जिसमें पांच किशोर सुधारगृह की देखभाल करने वाले व्यक्ति तथा कुछ अन्य बच्चों की हत्या करने के बाद वहां से फरार हो गये. न्यायालय ने इस बात पर हैरत जतायी कि संस्था के अन्दर हथियार कैसे पहुंच गये. न्यायमूर्ति बी लोकुर एवं दीपक गुप्ता की पीठ ने कहा कि समाचार पत्रों में बिहार घटना के बारे में आयी खबरों के अनुसार वहां बंदूक से गोलियां चलायी गयीं. ये सारी बंदूकें आयी कहां से ?

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पूर्णिया की घटना बहुत स्तब्ध करने वाली

पूर्व वरिष्ठ पुलिस अधिकारी तथा बच्चों के विकास के मकसद से काम करने वाले एक गैर सरकारी संगठन से संबद्ध अमोद कंठ ने पीठ को बताया कि पूर्णिया की घटना बहुत स्तब्ध करने वाली है. उन्होंने कहा कि पूर्व में टाटा इंस्टीट्यूट आफ साइसेंज (टीआईआईएस) द्वारा किये गये सामाजिक आडिट में कहा गया है कि बिहार के 17 ऐसे गृहों की स्थिति दुर्दशापूर्ण है. उन्होंने कहा कि सांविधिक प्राधिकारों को इस मुद्दे से निबटने के लिए सक्रिय भूमिका निभानी होगी.

इस बीच, सर्वोच्च न्यायालय की न्याय मित्र के रूप में सहायता कर रही वरिष्ठ वकील अपर्णा भट्ट ने पीठ से कहा कि वह महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की संयुक्त सचिव के साथ इस मुद्दे पर विभिन्न खबरों की समीक्षा कर अपने सुझाव देंगी. न्यायालय अब इस मामले की सुनवाई चार सप्ताह के बाद करेगा.

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जानें क्या है मामला

बिहार के पूर्णिया जिला के केहाट थाना अंतर्गत प्रभात कॉलोनी स्थित एक रिमांड होम में बाल कैदियों द्वारा की गयी गोलीबारी में एक वार्डन और एक बाल कैदी की बुधवार की शाम मौत हो गयी जबकि दो अन्य बाल कैदी जख्मी हो गए. जिलाधिकारी प्रदीप कुमार ने बताया कि मरने वालों में हाउस फादर (वार्डन) तथा पूर्णिया जिला निवासी विजेन्द्र कुमार और मधेपुरा जिले के चौसा निवासी बाल कैदी शामिल हैं.

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उन्होंने बताया कि इस वारदात के बाद गोली चलाने वाले बाल कैदी हवाई फायरिंग करते हुए तथा उसके साथ चार अन्य बाल कैदी रिमांड होम का मुख्य द्वार खोल कर फरार हो गए जिन्हें पकडने के लिए छापेमारी की जा रही है. प्रदीप ने बताया कि गोलीबारी की इस घटना में घायल हुए दो अन्य बाल कैदियों को इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

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