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जेयूयूएनएल : ग्यारह साल पूर्व के प्रमोशन को बताया गलत, अब रिटायर्ड कर्मचारियों से वसूलेंगे पैसे

वर्ष 2009 से 14 के बीच हुआ था प्रमोशन, जारी की गयी चिट्ठी

Chhaya

Ranchi : झारखंड ऊर्जा उत्पादन निगम लिमिटेड (जेयूयूएनएल) 138 कर्मचारियों का 11 साल पहले प्रमोशन दिया गया था. अब उस प्रमोशन को गलत करार देते हुए कर्मचारियों और उनके परिजनों से पैसे वसूलने की तैयारी कर रहा है. प्रमोशन जेयूयूएनएल ने ही दिया था. इस बाबत जेयूयूएनएल की ओर से 31 दिसंबर 2020 को चिट्ठी जारी की गयी है.

प्रमोशन पाये कर्मचारियों से पैसे वसूलने की बात अब जेयूयूएनएल ही कर रहा है. उनका प्रमोशन साल 2009 से साल 2014 के बीच हुआ है. साल 2009 से 2014 के बीच जिन कर्मचारियों का प्रमोशन किया गया है, उनमें अधिकांश कर्मचारी साल 2014 से 2016 के बीच रिटायर हो गये. प्रमोशन देने के इतने सालों बाद जेयूयूएनएल को होश आया है कि कर्मचारियों का प्रमोशन सही नहीं है. इसलिए इसे अस्वीकृत किया गया.

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रिटायर कर्मचारियों के मामले में हाईकोर्ट ने दिया था आदेश

जिस पत्र के आधार पर कर्मचारियों के परिजनों से राशि वसूलने की बात की जा रही है, उस पर पूर्व में ही हाईकोर्ट ने आदेश दिया है. झारखंड हाईकोर्ट ने सेवानिवृत्ति के बाद कर्मचारियों से होने वाली वसूली पर आपत्ति दर्ज की थी.

हाईकोर्ट ने सरकार को निर्देश दिया था कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों से पेंशन मामले में कोई कार्रवाई नहीं की जायेगी. खुद जेबीवीएनएल ने साल 2014-15 में अकाउंट ऑफिसरों के प्रमोशन को गलत पाया था. इसके बाद भी निगम ने इनके वेतन से कटौती नहीं की.

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अलग-अलग पदों पर हुआ था प्रमोशन

5 नवंबर 2020 को निगम बोर्ड की बैठक में प्रमोशन को निरस्त करने का निर्णय लिया गया. पत्र के अनुसार 69 सहायक नियंत्रक और 69 वरीय नियंत्रकों के प्रमोशन को अस्वीकृत किया गया. जिसके बाद निगम की ओर से ये पत्र जारी किया गया.

इस बाबत जेयूयूएनएल के डीजीएम एचआर विनय अंगीरा ने बताया कि इस मामले में 2013 से कार्रवाई हो रही थी. 2012 में निगम के ऑडिट में पाया गया कि गलत तरीके से इन कर्मचारियों को प्रमोशन दिया गया. ये कर्मचारी अर्हता पूरी नहीं करते थे.

इन्होंने बताया कि कुछ कर्मचारियों को 2014 में भी प्रमोशन दिया गया. ऐसे में उनका प्रमोशन भी गलत तरीके से हुआ. जिस कारण कार्रवाई की गयी. जिन अधिकारियों ने गलत तरीके से इन कर्मचारियों को प्रमोशन दिया, उन पर कार्रवाई की गयी है.

फिलहाल उन कर्मचारियों की जानकारी नहीं दी जा सकती. हाईकोर्ट का हवाला देते हुए इन्होंने कहा कि आदेश का पालन करते हुए कार्रवाई की गयी है. बोर्ड का आदेश है, ऐसे में आगे भी समीक्षा कर कार्रवाई की जायेगी.

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