न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

जस्टिस पिनाकी चंद्र घोष बने देश के पहले लोकपाल प्रमुख, राष्ट्रपति ने दिलाई शपथ

49

New Delhi : राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द ने जस्टिस पिनाकी चंद्र घोष को शनिवार को देश के पहले लोकपाल के रूप में शपथ दिलाई. आधिकारिक बयान में कहा गया कि राष्ट्रपति भवन में एक समारोह में शपथ दिलाई गई. गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस घोष को मंगलवार को देश का पहला लोकपाल नामित किया गया था.

ये बने सदस्य

विभिन्न उच्च न्यायालयों के पूर्व मुख्य न्यायाधीशों- जस्टिस दिलीप बी भोसले, न्यायमूर्ति प्रदीप कुमार मोहंती, न्यायमूर्ति अभिलाषा कुमारी के अलावा छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के वर्तमान मुख्य न्यायाधीश अजय कुमार त्रिपाठी को लोकपाल में न्यायिक सदस्य नियुक्त किया गया है. सशस्त्र सीमा बल की पूर्व पहली महिला प्रमुख अर्चना रामसुंदरम, महाराष्ट्र के पूर्व मुख्य सचिव दिनेश कुमार जैन, पूर्व आईआरएस अधिकारी महेंद्र सिंह और गुजरात कैडर के पूर्व आईएएस अधिकारी इंद्रजीत प्रसाद गौतम लोकपाल के गैर न्यायिक सदस्य हैं.

hosp3

इसे भी पढ़ेंः 23 मार्च: हर कोई रोया जब भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को हुई थी फांसी

मई 2017 में रिटायर हुए थे जस्टिस घोष

जस्टिस घोष (66) मई 2017 में सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश पद से सेवानिवृत्त हुए थे. जब लोकपाल अध्यक्ष के पद के लिए उनके नाम की घोषणा हुई तो वह राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य थे. कुछ श्रेणियों के लोक सेवकों के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामलों को देखने के लिए केंद्र में लोकपाल और राज्यों में लोकायुक्तों की नियुक्ति करने वाला लोकपाल एवं लोकायुक्त कानून 2013 में पारित हुआ था.

इसे भी पढ़ेंः गिरिडीह लोकसभा सीट पर आजसू की रणनीति: ढुल्लू, शाहाबादी के साथ बेरमो में मिल सकता है विपक्ष का साथ

लोकपाल समिति में एक अध्यक्ष और आठ सदस्यों का प्रावधान

नियमों के अनुसार, लोकपाल समिति में एक अध्यक्ष और अधिकतम आठ सदस्यों का प्रावधान है. इनमें से चार न्यायिक सदस्य होने चाहिए. नियमों के अनुसार, लोकपाल के सदस्यों में 50 प्रतिशत अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक और महिलाएं होनी चाहिए. चयन होने के बाद अध्यक्ष और सदस्य पांच साल के कार्यकाल या 70 साल की उम्र तक पद पर बने रह सकते हैं. लोकपाल अध्यक्ष का वेतन और भत्ते भारत के प्रधान न्यायाधीश के बराबर होंगे. वहीं, सदस्यों को सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के बराबर वेतन और भत्ते मिलेंगे.

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

You might also like
%d bloggers like this: