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रिम्स में जूनियर डॉक्टरों ने मरीज के परिजनों को पटक-पटक कर मारा

भागो यहां से, जाओ बाहर, निकल जाओ यहां से, जाकर बाहर इलाज कराओ

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Ranchi : निकल जाओ यहां से,  जल्दी निकलो, जल्दी निकलो, भागो यहां से… ये बोल धरती के भगवान कहे जाने वाले डॉक्टरों के हैं. वह उनसे जिनसे उनकी रोजी-रोटी चलती है, यानी मरीजों और उनके परिजनों से. ये डॉक्टर हैं राज्य के सबसे बड़े हॉस्पिटल रिम्स के. रिम्स में जूनियर डॉक्टरों की बदसलूकी रुकने का नाम नहीं ले रही. आये दिन कोई न कोई ऐसा मामला सामने आ ही जाता है. कभी मरीज के साथ दुर्व्यवहार या फिर मरीज के परिजनों के साथ मारपीट. शनिवार को एक बार फिर ऐसा ही नजारा देखने को मिला. मेडिसीन विभाग के डॉ विद्यापति यूनिट में जूनियर डॉक्टरों ने मरीज और उसके परिजनों की लात-घूसों से पिटाई की. इसमें उनका साथ रिम्स के सुरक्षाकर्मियों ने भी दिया. मरीज के परिजनों के अनुसार 10-12 लोग उन सभी टूट पड़े और खूब पिटाई की. यहां तक कि मरीज की जांच का पर्चा भी फाड़ दिया. जूनियर डॉ सोमनाथ सेन गुप्ता ने गंदी-गंदी गालियां दीं और जेल भेजने तक की धमकी भी दे डाली. मरीज शंकर सोनी ने बताया कि डॉक्टरों ने उनसे कहा कि भागो यहां से, जाओ बाहर, यहां नहीं रहना है. मरीज के भतीजे सूरज ने अपने बयान में कहा कि डॉक्टरों ने मिल कर उसे पटक-पटक कर मारा, कपड़ा भी फाड़ दिया. जिसके बाद परिजनों को कमरे में बंद कर दिया. मारपीट की जानकारी बरियातू थाना को दी गई. पुलिस ने डॉक्टरों को कुछ न कहते हुए मरीज और उसके परिजनों को ही थाने ले जाकर हाजत में बंद कर दिया.

देखें वीडियो-

क्या है पूरा मामला

राहे के रहने वाले शंकर सोनी की अचानक तबियत बिगड़ने के कारण 27 नवंबर को रिम्स में इलाज कराने के लिए लाया गया था. प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें भर्ती करने की सलाह दी गई. जिसके बाद सभी कागजी कार्रवाई करने के बाद शंकर को हॉस्पिटल में भर्ती कर लिया गया. मरीज के परिजन गणेश प्रसाद ने बताया कि शुक्रवार की रात मरीज को देखने गए थे. लेकिन वहां जाकर मालूम चला डॉक्टरों ने मरीज को बेड से बाहर निकाल दिया है. वहीं मरीज के इलाज से संबंधित सभी दस्तावेज भी अपने पास रख लिए हैं. जब डॉ सोमनाथ सेन गुप्ता के पास दस्तावेज लेने पहुंचे तो डॉक्टर ने दस्तावेज अपने पास नहीं होने की बात कही. इस पर जब उनसे कहा गया कि वार्ड में भर्ती अन्य मरीजों ने आपको ऐसा करते देखा है. इतना सुनते ही डॉक्टर सेनगुप्ता आग बबूला हो गये और गंदी-गंदी गालियां देते हुए मरीज के परिजनों पर हाथ उठाने लगे. उन्हें देख कर और भी डॉक्टर एवं सुरक्षाकर्मी मौके पर पहुंच गए एवं बगैर कुछ जाने सभी मारपीट करने लगे.

डॉक्टर द्वारा चिन्हित दुकान से दवा नहीं लाने पर मामले ने पकड़ा तूल

मरीज शंकर सोनी के भतीजे सूरज ने बताया कि डॉक्टरों ने पर्ची में कुछ दवाइयां लिखी थीं. इसे किसी खास दुकान से लाने को कहा था. लेकिन वह दवा उस दुकान में नहीं मिली जिस कारण हम लोगों ने दूसरे स्थान से दवा ले ली. डॉक्टर यह देखने के बाद भड़क गए और मरीज को दवा देने से मना कर दिया. डॉक्टरों ने कहा कि उसी दुकान से दवा लाकर दो तब मरीज को दवा देंगे.

इसके बाद से विवाद बढ़ गया और मारपीट तक की नौबत आ गई. परिजनों के सवाल पूछने पर डॉक्टर ने मरीज के दवाई की पर्ची फाड़ कर फेंक दी. साथ ही मरीज के जितने भी कागजात थे सब अपने पास रख लिये और मारपीट कर सभी को अस्पताल से बाहर निकाल दिया.

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